
Delhi Assembly Election Results 2025: क्या बजट ने बदल दी दिल्ली की हवा, जानिए चुनावों में किसके साथ रहा मिडिल क्लास
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केंद्र सरकार में बीजेपी सरकार ने जब बजट पेश किया था तो मिडिल क्लास को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स की लिमिट 7 लाख से बढ़ाकर 12 लाख कर दिया. जिसका मतलब है कि अगर कोई 12 लाख तक सालाना कमाता है तो उसे कोई टैक्स नहीं देना होगा.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की दिल्ली की सत्ता में 27 साल बाद वापसी हुई है. इस चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) के कई नेताओं को करारी शिकस्त मिली है. AAP को सबसे बड़ा झटका अरविंद केजरीवाल की हार से मिला है. नई दिल्ली सीट से बीजेपी के प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल को 3000 से ज्यादा वोटों से हराया है.
वहीं केजरीवाल के अलावा, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को भी चुनावी मैदान में शिकस्त का सामना करना पड़ा है. हालांकि मुख्यमंत्री रहीं आतिशी ने AAP की लाज बचाई है और कड़ी टक्कर के बाद बीजेपी के रमेश बिधूड़ी को हराकर जीत दर्ज किया है.
आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने हार को स्वीकार किया है. केजरीवाल ने वीडियो मैसेज में कहा कि आज दिल्ली चुनाव के नतीजे आए हैं. जनता का जो भी फैसला है, हमें उसे पूरी विनम्रता से स्वीकार करते हैं. जनता का फैसला सिर-माथे पर. मैं बीजेपी को जीत की बधाई देता हूं. मैं उम्मीद करता हूं कि जिस उम्मीद के साथ लोगों ने उन्हें बहुमत दिया है. वह उन उम्मीदों पर खरा उतरेंगे.
क्या मिडिल क्लास के ऐलान से हारी AAP? दरअसल, केंद्र सरकार में बीजेपी सरकार ने जब बजट पेश किया था तो मिडिल क्लास को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स की लिमिट 7 लाख से बढ़ाकर 12 लाख कर दिया. जिसका मतलब है कि अगर कोई 12 लाख तक सालाना कमाता है तो उसे कोई टैक्स नहीं देना होगा.
दिल्ली में मिडिल क्लास की संख्या 45 फीसदी बताई जाती है. पिछली दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिडिल क्लास ने AAP के लिए जमकर वोट किया था, लेकिन अब चुनाव परिणाम को देखकर ऐसा लग रहा है कि बीजेपी की जीत में मिडिल क्लास का बहुत बड़ा रोल है. जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले बजट में मिडिल क्लास को मिली बड़ी छूट ने बीजेपी को दिल्ली के चुनाव में जीत दर्ज कराई है. हालांकि मिडिल क्लास ने किस पार्टी को कितना वोट दिया है? उस आंकड़े का इंतजार रहेगा.

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