
CrPC Section 59: गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को छोड़े जाने से संबंधित है सीआरपीसी की धारा 59
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सीआरपीसी (CrPC) की धारा 59 (Section 59) में पकड़े गए व्यक्ति का उन्मोचन (Discharge) किए जाने संबंधी प्रावधान (provision) बताए गए हैं. तो चलिए जानते हैं कि सीआरपीसी की धारा 59 क्या कहती है?
दंड प्रक्रिया संहिता (Code of Criminal Procedure) के अध्याय (Chapter) और धाराएं (Sections) हमें अदालत (Court) और पुलिस (Police) के काम करने की प्रक्रिया (Process) को परिभाषित करती है. इसी प्रकार से सीआरपीसी (CrPC) की धारा 59 (Section 59) में पकड़े गए व्यक्ति का उन्मोचन (Discharge) किए जाने संबंधी प्रावधान (provision) बताए गए हैं. तो चलिए जानते हैं कि सीआरपीसी की धारा 59 क्या कहती है?
सीआरपीसी की धारा 59 (CrPC Section 59) दंड प्रक्रिया संहिता (Code of Criminal Procedure) की धारा 59 (Section 59) में गिरफ्तार किए गए शख्स को जमानत (Bail) या अन्य कानूनी प्रक्रिया (legal process) के माध्यम से छोड़े जाने का प्रावधान (provision) किया गया है. CrPC की धारा 59 के अनुसार पुलिस अधिकारी (police officer) द्वारा गिरफ्तार (arrest) किए गए किसी व्यक्ति का उन्मोचन ((Discharge)) उसी के बंधपत्र (bond) पर या जमानत bail पर या मजिस्ट्रेट के विशेष आदेश (Special order of Magistrate) के अधीन ही किया जाएगा, अन्यथा नहीं.
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क्या होती है सीआरपीसी (CrPC) सीआरपीसी (CRPC) अंग्रेजी का शब्द है. जिसकी फुल फॉर्म Code of Criminal Procedure (कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसिजर) होती है. इसे हिंदी में 'दंड प्रक्रिया संहिता' कहा जाता है. CrPC में 37 अध्याय (Chapter) हैं, जिनके अधीन कुल 484 धाराएं (Sections) मौजूद हैं. जब कोई अपराध होता है, तो हमेशा दो प्रक्रियाएं होती हैं, एक तो पुलिस अपराध (Crime) की जांच करने में अपनाती है, जो पीड़ित (Victim) से संबंधित होती है और दूसरी प्रक्रिया आरोपी (Accused) के संबंध में होती है. सीआरपीसी (CrPC) में इन प्रक्रियाओं का ब्योरा दिया गया है.
1974 में लागू हुई थी CrPC सीआरपीसी के लिए 1973 में कानून (Law) पारित किया गया था. इसके बाद 1 अप्रैल 1974 से दंड प्रक्रिया संहिता यानी सीआरपीसी (CrPC) देश में लागू हो गई थी. तब से अब तक CrPC में कई बार संशोधन (Amendment) भी किए गए है.
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