
CDS जनरल बिपिन रावत को 21 मार्च को पद्म विभूषण से किया जाएगा सम्मानित
AajTak
सीडीएस जनरल बिपिन रावत को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा. 1 मार्च को उनकी बेटियां कृतिका और तारिणी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से यह सम्मान ग्रहण करेंगी.
देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत को 21 मार्च को पद्म विभूषण से अलंकृत किया जाएगा. उन्हें मरणोपरांत यह सम्मान देने की घोषणा की गई थी. 21 मार्च को उनकी बेटियां कृतिका और तारिणी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से यह सम्मान ग्रहण करेंगी. इस साल 21 और 28 मार्च को राष्ट्रपति द्वारा पद्म सम्मान प्रदान किए जाएंगे. 26 जनवरी को 128 लोगों को पद्म सम्मान देने का ऐलान हुआ था. इनमें चार को पद्म विभूषण, 17 को पद्म भूषण और 107 को पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया जाएगा.
हेलीकॉप्टर हादसे में हुआ था सीडीएस रावत का निधन
सीडीएस जनरल रावत का पिछले साल आठ दिसंबर को तमिलनाडु में एक हेलीकॉप्टर हादसे में निधन हो गया था. बता दें कि पद्म विभूषण भारत सरकार की ओर से दिया जाने वाला दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. जनरल बिपिन रावत को 31 दिसंबर 2019 को देश के पहले सीडीएस की जिम्मेदारी दी गई थी. सीडीएस का पद दिए जाने से पहले वह देश के 27वें थल सेना अध्यक्ष रहे.
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के थे रावत
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के सैंण गांव से ताल्लुक रखने वाले सीडीएस जनरल बिपिन रावत के पिता लक्ष्मण सिंह रावत भी सेना में उपसेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. जनरल रावत ने शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खड़गवासला से पढ़ाई की थी. दिसंबर 1978 में उन्हें भारतीय सैन्य अकादमी से गोरखा रायफल्स की पांचवीं बटालियन में कमीशन मिला.
हाल ही में उनके 64वें जन्मदिन पर दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में पहले मैमोरियल लेक्चर का आयोजन किया गया. पूर्व वायुसेना प्रमुख आरके एस भदौरिया 'एचीविंग सेल्फ रिलांयस' विषय पर आयोजित इस लेक्चर के मुख्य वक्ता थे. सीडीएस के पद पर रहते जनरल रावत ने रक्षा उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के विजन को आगे बढ़ाया. उनका मानना था कि अगर भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनना है तो उसे स्वदेशी हथियारों का उत्पादन बढ़ाना होगा.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









