
BPSC पेपर लीक में खुलासा: गिरोह के पास पहले ही पहुंच गया था पेपर, इतनी थी कीमत
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बिहार में बीपीएसपी पेपर लीक कांड में नया खुलासा हुआ है. बीपीएसपी प्रारंम्भिक परीक्षा दोपहर 12 बजे शुरू होनी थी, लेकिन परीक्षा शुरू होने से 46 मिनट पहले यानी 11 बजकर 14 मिनट पर प्रश्न पत्र पहुंच चुका था.
बिहार में बीपीएसपी पेपर लीक कांड ऐसा कलंक बन गया है, जो अब बिहार के माथे से कभी नहीं हटेगा. जब भी बिहार लोक सेवा आयोग की बात होगी, इस पेपर लीक कांड की बात जरूर होगी. क्योंकि इस कांड में पैरवी, पहुंच के साथ बीपीएसपी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ तीसरे की एंट्री भी साफ तौर पर सामने आई है, लेकिन आईओयू की टीम को जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य हाथ लगे हैं, जिसने पूरे कांड की तस्वीर को क्लियर कर दिया है. आठ मई को 67वीं बीपीएसपी प्रारंम्भिक परीक्षा दोपहर 12 बजे शुरू होनी थी, लेकिन अब इस मामले में पकड़े गए शातिरों से पता चला है कि उनके पास परीक्षा शुरू होने से 46 मिनट पहले यानी 11 बजकर 14 मिनट पर प्रश्न पत्र पहुंच चुका था. गिरोह ने छात्रों को पेपर भेजा तो आठ से दस लाख रुपये मिले.
मोबाइल से मिली चौंकाने वाली जानकारी आर्थिक अपराध इकाई की विशेष टीम ने जब इस कांड के तह तक जाने की कोशिश की और पेपर लीक कांड के गिरोह के मोबाइल को खंगाला तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई. इस में पता चला कि गिरोह के सदस्यों के पास एक साथ ही प्रश्न पत्र मोबाइल में मिला वो भी एक ही समय पर. जांच में ये भी पता चला कि अभियुक्तों के मोबाइल में सी सेट का वायरल प्रश्न पत्र कई छात्रों के व्हाट्सएप पर भेजा गया. जिसके बदले गिरोह को आठ से दस लाख रुपये मिले.
कैसे और कहां से आया, जांच जारी हालांकि वायरल प्रश्न पत्र गिरोह के सदस्यों के पास कैसे और कहां से आया. इस बात का उत्तर जांच टीम तलाश रही है. जांच टीम के लिए सोर्स को तलाशना एक चुनौती अभी भी बनी हुई है. आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों की माने तो इस मामले में कई लोगों पर संदेह है और उनकी तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है. जांच दल जल्द ही इस पूरे मामले का भंडाफोड़ करेगा. जांच टीम के सदस्यों की मानें तो लोहानीपुर के काशीनाथ लेन के जिस मकान में कंट्रोल रूम का पर्दाफाश हुआ है, वही वायरल प्रश्न पत्र को स्कॉलर के माध्यम से सॉल्व कराया गया था.
कमरे में बैठकर प्रश्न पत्र सॉल्व हो रहे थे जांच टीम के मुताबिक लोहानीपुर के कमरे में बैठकर प्रश्न पत्र को सॉल्व कर रहे थे. ताकि परीक्षा शुरू होने के पहले परीक्षार्थियों तक पहुंचा दिया जाए. जांच टीम गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर स्कॉलर छात्रों की गिरफ्तारी में जुट गई है. इस पूरे मामले में बीपीएससी के कर्मियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है. जांच टीम उनके डाटा के माध्यम से उनकी भूमिका का पता लगा रही है. कर्मचारियों का डाटा जांच अधिकारियों ने दो दिन पहले ही जमा कर लिया था.
बीपीएससी के अफसरों और कर्मियों से भी पूछताछ बताया जा रहा है कि परीक्षा शुरू होने के काफी पहले प्रश्न पत्र लीक हो जाने के कारण बीपीएससी पर सवाल खड़ा होना लाजमी है. आर्थिक अपराध इकाई की जांच टीम बीपीएससी के अफसरों और कर्मियों से लगातार पूछताछ में जुटी हुई है. जांच टीम की मानें तो बीपीएससी भी अपने स्तर से इसकी जांच करवा रहा है. उसने अपनी रिपोर्ट भी सौंपी है. कई कर्मियों के मोबाइल की जांच की गई है और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से जांच की जा रही है.

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