
Agneepath Scheme Protest: बिहार, तेलंगाना समेत 13 राज्यों में पहुंची 'अग्निपथ' हिंसा की आग, अब तक 142 गिरफ्तार
AajTak
Agneepath Scheme Protest: अग्निपथ योजना के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले 142 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है. रेलवे को 164 ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं तो वहीं 238 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं.
Agneepath Scheme Protest: केंद्र सरकार की 'अग्निपथ' योजना का विरोध उत्तर प्रदेश से तेलंगाना तक 12 राज्यों में फैल गया है. सबसे ज्यादा असर बिहार में देखा जा रहा है. सेना भर्ती की तैयारी करने वाले सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. बस-ट्रेनें फूंकी जा रही हैं. सड़कों पर जाम लगाया जा रहा है. पुलिस-प्रशासन से जुड़े लोगों पर पथराव हो रहा है.
हिंसा फैलाने वाले 142 प्रदर्शकारियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है. सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है. रेलवे को 164 ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं तो वहीं 238 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं. आइए जानते हैं 12 राज्यों में हिंसा के हालात कितने बुरे हैं.
बिहार में 650 के खिलाफ केस 16 गिरफ्तार
नालन्दा के इस्लामपुर रेलवे स्टेशन पर मगध एक्सप्रेस की 4 बोगी फूंकी. पथराव भी किया गया. स्टेशन के आसपास भारी तादाद में पुलिस तैनात.
आरा में कुल्हड़िया स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन को जला दिया. प्रदर्शनकारियों ने पैसेंजर ट्रेन में आग लगा दी. पटना-पंडित दिन दयाल उपाध्याय मेन लाइन पर आगजनी कर परिचालन बाधित कर दिया.
पुलिस ने 650 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. 16 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है. बिहिया रेलवे स्टेशन पर रेलवे ट्रैक जाम कर दिया गया. टिकट काउंटर से लगभग 3 लाख रु. लूट लिए. जीआरपी में भी प्रदर्शकारियों ने लूटपाट की.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों रसोइया और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर तूता मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. रसोइया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जो उनके परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है. ठंड के बावजूद वे 22 दिनों से धरना दे रहे हैं पर शासन के कोई प्रतिनिधि उनसे अब तक नहीं मिले हैं.






