
8 गेंदों पर 8 छक्के, 1000 से ज्यादा की लीड... रणजी ट्रॉफी में अब हो रही रिकॉर्ड्स की बरसात
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रणजी ट्रॉफी में पिछले कुछ सीजन से बल्लेबाजों का बोलबाला रहा है. कुछ ऐसे रिकॉर्ड्स बन चुके हैं, जिसे तोड़ पाना काफी मुश्किल है. आकाश चौधरी, तन्मय अग्रवाल जैसे बल्लेबाजों ने बल्ले से तूफानी प्रदर्शन कर सुर्खियां बटोरीं.
भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी में पिछले कुछ सीजन से खूब रन बरस रहे हैं. 2025-26 का सीजन भी इसी सिलसिले को आगे बढ़ा रहा है. मेघालय के बल्लेबाज आकाश कुमार चौधरी ने तो अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ मैदान पर तूफान मचा दिया.
आकाश कुमार चौधरी ने अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाजों की जमकर खबर ली और लगातार 8 छक्के जड़े. इस दौरान उन्होंने एक ओवर में छह छक्के भी लगाए. आकाश ने सिर्फ 11 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर दर्शकों को टी20 जैसा रोमांच दे दिया. आकाश इसी के साथ फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए थे.
आकाश कुमार चौधरी की यह उपलब्धि न सिर्फ व्यक्तिगत रूप से बड़ी है, बल्कि इसने पूर्वोत्तर राज्यों की टीम्स की क्षमता को भी उजागर किया है, जो अब घरेलू क्रिकेट में तेजी से अपनी पहचान बना रही हैं. आकाश ने 11 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर इतिहास रचा ही, देखा जाए तो पिछले कुछ सीजन में भी इसी तरह के कुछ ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स बने.
ये रिकॉर्ड्स भी टूटने मुश्किल
2021-22 सीजन में झारखंड की टीम ने नागालैंड के खिलाफ ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था. उस मैच में झारखंड ने 1008 रनों की बढ़त हासिल की थी. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पहली बार किसी टीम ने 1000 से ज्यादा रनों की लीड ली. झारखंड ने मुंबई का रिकॉर्ड तोड़ दिया था, जिसने 1948-49 में महाराष्ट्र के खिलाफ 958 रनों की लीड बनाई थी. इस अविश्वसनीय प्रदर्शन ने दिखाया कि घरेलू स्तर पर भी टीमों में किस हद तक दमखम बढ़ा है.
2021-22 सीजन में एक और रिकॉर्ड बना, जब मुंबई ने उत्तराखंड को 725 रनों से हराकर इतिहास रच दिया. ये फर्स्ट क्लास क्रिकेट में रनों के लिहाज से किसी टीम की सबसे बड़ी जीत रही. मुंबई ने न्यू साउथ वेल्स के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. न्यू साउथ वेल्स ने 1929-30 में शेफील्ड शील्ड मैच में क्वींसलैंड के खिलाफ 685 रनों से जीत हासिल की थी.

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