
28 मृत इजरायली बंधकों की भी होगी वापसी! हथियार डालेगा हमास, पीस प्लान पर ग्रीन सिग्नल के बाद गाजा में अब क्या-क्या बदलेगा?
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गाजा बदलाव के अहम दौर से गुजर रहा है. गाजा जंग के अहम पक्षकार हमास ने ट्रंप के पीस प्लान पर हां तो कह दिया है. लेकिन इस पीस प्लान की असली परीक्षा अब शुरू होने वाली है. जब हमास को बंधकों को छोड़ना होगा, बदले में इजरायल को गाजा की जमीन खाली करनी होगी. सबसे बड़ी चुनौती तो तब आएगी जब हमास को अपने हथियार सरेंडर करने होंगे.
7 अक्टूबर 2023 वो तारीख थी जब हमास के आतंकवादियों ने जश्न मना रहे इजरायलियों पर हमला किया था. हैरान कर देने वाले इस हमले में 1200 इजरायली मारे गए. इस हमले से निकली रेप, हत्या और नृशंस अत्याचार की कहानियों ने लोगों को गुस्से और गम से भर दिया. हमास ने इसी दौरान 250 से अधिक इजरायलियों को बंधक बना लिया. इनमें से कुछ बंधकों को हमास वापस कर चुका है.
इसके बाद शुरू हुआ इजरायल का बदला और भी भयंकर और मानवता के लिए शर्मनाक था. इजरायल ने बदले की इस लड़ाई में अबतक 66 हजार फीलिस्तनियों को मार दिया है. हमास का सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व लगभग शून्य है. गाजा भयानक भुखमरी के दौर से गुजर रहा है. बच्चे और महिलाएं खाने के अभाव में बिलबिला रहे हैं.
लेकिन लगभग दो साल पूरा होने के बाद अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसी सूचना दी है जिससे गाजा में अमन बहाली की उम्मीद बढ़ गई है. ट्रंप ने कहा है कि हमास इजरायल के बाकी बंधकों को रिहा करने के लिए राजी है. यानी हमास ने शांति समझौता स्वीकार कर लिया है. इसी के साथ ट्रंप ने इजरायल को गाजा में बमबारी रोकने को कहा है.
ट्रंप के ऑफर पर हमास ने क्या कहा?
हमास को दिया गया ट्रंप का शांति प्रस्ताव रविवार को खत्म होने वाला था. इससे पहले हमास ने कहा है कि वह गाजा में गुप्त स्थान पर रखे गए सभी इजरायली बंदियों को, चाहे वे जीवित हों या मृत, रिहा करने पर सहमत है. हमास के पास इजरायल के 28 ऐसे कैदी हैं जिनकी मौत हो चुकी है, हमास इनके शवों को अभी भी अपने पास रखे हुआ है. अब हमास इनके मृत शरीर को भी इजरायल को सौंपेगा.
हमास ने कहा है कि वह इस शर्त पर सहमत हो रहा है ताकि युद्ध का अंत हो और इजरायली सेना गाजा पट्टी से पूरी तरह से हट जाए.

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