
270 साल की विरासत, खरबों की संपत्ति, हजार लोगों का परिवार.. कौन हैं कुवैत के नए शासक शेख मेशाल
AajTak
क्राउन प्रिंस शेख मेशाल अल अहमद अल सबा कुवैत के 17 वें शासक बने हैं. शेख मेशाल 2004 से 2020 तक कुवैत नेशनल गार्ड के उप प्रमुख थे. 1752 से ही कुवैत पर सबा परिवार का शासन है. ऐसा माना जाता है कि इस शाही परिवार में लगभग 1000 लोग हैं.
कुवैत के शासक (Emir) शेख नवाफ अल अहमद अल सबा के निधन के बाद क्राउन प्रिंस शेख मेशाल अल अहमद अल सबा को नया शासक नियुक्त किया गया है. शेख मेशाल दिवंगत कुवैती शासक शेख नवाफ के सौतेले भाई हैं. 86 साल की उम्र में शेख नवाफ का शनिवार को निधन हो गया था.
तेल समृद्ध खाड़ी देशों में शुमार कुवैत के उप प्रधानमंत्री और कैबिनेट मामलों के राज्य मंत्री की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि 83 वर्षीय क्राउन प्रिंस शेख मेशाल अल अहमद अल सबा को नया शासक नियुक्त किया गया है.
कौन हैं शेख मेशाल?
कुवैत के शासक बनने से पहले शेख मेशाल अल अहमद अल सबा कुवैत के क्राउन प्रिंस थे. 83 वर्षीय शेख मेशाल दुनिया के सबसे उम्रदराज राजकुमारों में से एक थे. अपने खराब स्वास्थ्य के कारण शेख नवाफ पहले ही अपने अधिकांश कार्यभार शेख मेशाल को सौंप चुके थे. यहां तक कि शेख मेशाल को ही 2021 से कुवैत का वास्तविक शासक कहा जाता है.
12 बच्चों के पिता शेख मेशाल कुवैत के 17 वें शासक बने हैं. शेख मेशाल 2004 से 2020 तक कुवैत नेशनल गार्ड के उप प्रमुख थे. शेख मेशाल 2021 में ही देश के प्रमुख संवैधानिक पदों को संभाल लिए थे.
एक साल के भीतर नए राजकुमार की होगी घोषणा

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से स्थापित वर्ल्ड ऑर्डर में हलचल ला दी. ट्रंप के शासन के गुजरे एक वर्ष वैश्किल उथल-पुथल के रहे. 'अमेरिका फर्स्ट' के उन्माद पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का हंटर चलाकर कनाडा, मैक्सिको, चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को परीक्षा में डाल दिया. जब तक इकोनॉमी संभल रही थी तब तक ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.

मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिकी फौजी जमावड़े ने स्थिति को काफी संवेदनशील बना दिया है. एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट्स और मिसाइल डिफेंस सिस्टम अलर्ट मोड पर हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि चीन ने ईरान को अब तक की सबसे बड़ी सैन्य मदद भेजी है, जिसमें 56 घंटे के भीतर चीन के 16 जहाज ईरान पहुंचे. हालांकि इस सूचना की पुष्टि नहीं हुई है.








