
12 हजार फीट की ऊंचाई से आया मलबा, 43KM थी रफ्तार.... 30 सेकेंड में ऐसे डूब गया धराली
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी में आए जल प्रलय से धराली और उसके आस-पास के गांवों में तबाही मच गई है. 1230 फीट की ऊंचाई से आया मलबा से 30 सेकेंड में ही धराली डूब गई. अब तक इस आपदा में चार लोगों की मौत हो गई है.
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में आज कुदरत ने बड़ी तबाही मचाई है. उत्तरकाशी के धराली से बादल फटने के बाद बने हालात की तस्वीरें बेहद भयावह हैं. अब तक की जानकारी के मुताबिक, धराली के अलावा वहां सुखी टॉप के पास भी बादल फटा है. धराली में जहां बादल फटा है, वह गंगोत्री धाम से सिर्फ 18 किलोमीटर की दूरी पर है. यह जगह भारतीय सेना के हर्षिल कैंप से करीब 4 किलोमीटर दूर है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों और वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि महज 34 सेकंड में धराली की रिहाइश इलाके बादल फटने के बाद आई बाढ़ की चपेट में आ गई. बादल फटने के बाद खीर गंगा नदी के उफान से बाढ़ आई है. धराली देहरादून से 218 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. हादसे के बाद सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और स्थानीय प्रशासन राहत-बचाव की कोशिश कर रहे हैं.
आइए समझते हैं कि बादल फटने के बाद 12,600 फीट की ऊंचाई से आए मलबे से 30 सेकेंड में कैसे धराली डूब गया.
गूगल मैप के जरिए साफ नज़र आ रहा है कि यह घटना किन परिस्थितियों में और किस जगह पर घटी. सुखी टॉप पर कोई रिहायशी इलाका नहीं है. जो वीडियो सामने आया है उसमें ऊपरी पहाड़ों से बहकर मलबा नीचे आया और बाईं ओर मुड़ते ही घरों को अपनी चपेट में ले लिया. कई घर पूरी तरह बह गए.
भागीरथी नदी के किनारे धराली, हर्षिल और बेली जैसे इलाके बसे हैं. हर्षिल में सेना मौजूद होने से राहत दल चार किलोमीटर की दूरी तुरंत तय कर पहुंच गया. पहाड़ों से आया मलबा तेज धार में नदी में मिला.
नदी का बहाव सीधी दिशा में न जाकर दूसरी ओर मुड़ा और अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को बहा ले गया. गनीमत रही कि रिहायशी इलाका कम था और सिर्फ कुछ घर प्रभावित हुए.

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