
12 राज्यों और UTs में SIR 2.0 प्रोसेस शुरू... घर-घर पहुंचकर फॉर्म बांट रहे BLO, तैयार रखें ये डॉक्यूमेंट्स
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भारतीय चुनाव आयोग ने 9 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में अपने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का दूसरा फेज़ शुरू कर दिया है. इस कैंपेन का मकसद वोटर लिस्ट को अपडेट करना है. इसके साथ ही, इस दौरान 51 करोड़ वोटर्स की एलिजिबिलिटी को भी वेरिफाई किया जाएगा.
चुनाव आयोग आज से नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का दूसरा फेज़ शुरू कर रहा है. यह वोटर लिस्ट को साफ करने की एक मुहिम है. यह कदम बिहार में विधानसभा चुनावों के पहले फेज़ से दो दिन पहले उठाया गया है, जहां चुनावी प्रक्रिया हुई थी और वेरिफिकेशन के बाद 68 लाख से ज़्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे.
इस अभियान में तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप के लगभग 51 करोड़ वोटर शामिल होंगे. इनमें से तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं.
एसआईआर 2.0 के तहत, एन्यूमरेशन का स्टेज आज से शुरू हो रहा है और 4 दिसंबर तक चलेगा. इलेक्शन कमीशन 9 दिसंबर को ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल जारी करेगा और फाइनल इलेक्टोरल रोल 7 फरवरी, 2026 को पब्लिश किए जाएंगे. नागरिक 9 दिसंबर से 8 जनवरी के बीच क्लेम और ऑब्जेक्शन फाइल कर सकते हैं, जिसके बाद सुनवाई और वेरिफिकेशन 31 जनवरी, 2026 तक पूरे कर लिए जाएंगे.
अलग-अलग राज्यों में शुरू हुआ प्रोसेस
उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से जानकारी सामने आई है कि वेरिफिकेशन प्रोसेस शुरू हो चुका है. चुनाव आयोग ने मंगलवार को वोटर लिस्ट में सुधार करने के मकसद से उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) एक्सरसाइज शुरू कर दिया है.

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