
10.4 अरब डॉलर... पाकिस्तान कैसे बना IMF का चौथा सबसे बड़ा कर्जदार?
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आर्थिक संकट से जूझते पाकिस्तान को आईएमएफ से तीन अरब डॉलर का कर्ज मिलने वाला है. पाकिस्तानी सरकार और आईएमएफ के बीच इसे लेकर समझौता हो गया है. ये कर्ज कुछ शर्तों पर मिला है. इसके साथ ही पाकिस्तान अब आईएमएफ का चौथा सबसे बड़ा कर्जदार बन जाएगा.
जिस तरह से डूबते को तिनके का सहारा मिलता है, ठीक उसी तरह से कंगाल होते पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का सहारा आखिरकार मिल ही गया. कर्ज में डूबे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ तीन अरब डॉलर का कर्ज देने को तैयार हो गया है. तीन अरब डॉलर का ये कर्ज नौ महीनों में दिया जाएगा.
हालांकि, इस कर्ज के लिए कई शर्तें भी हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे पहली शर्त तो यही है कि पाकिस्तान सरकार को आने वाले बजट में बेवजह के खर्च और टैक्स में छूट देने से बचना होगा. लोगों को बिजली बिल पर मिलने वाली सब्सिडी भी खत्म हो जाएगी. विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए आयात पर जो प्रतिबंध लगाया था, उसे भी हटाना होगा.
कंगाल होते पाकिस्तान को तीन अरब डॉलर के कर्ज ने थोड़ा संभाल तो लिया, लेकिन अब वो आईएमएफ का चौथा सबसे बड़ा कर्जदार बन जाएगा. पहले पाकिस्तान पांचवें नंबर पर था.
8 महीने बाद बनी बात
1947 में भारत से अलग होकर बना पाकिस्तान अब तक के सबसे बुरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है और उसकी ऐसी हालत सालभर से है.
पाकिस्तानी सरकार और आईएमएफ के बीच कई महीनों से बातचीत ही चल रही थी. आईएमएफ ने पाकिस्तानी सरकार के सामने कई शर्तें रखी थीं, लेकिन वो मान ही नहीं रहा था. पाकिस्तान अब जाकर आईएमएफ की शर्तें मानने को मजबूर हुआ है. दोनों के बीच लगभग 8 महीने बाद ये डील हुई है.

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