
हार पर हार, अघाड़ी का बंटाधार... क्या निकाय चुनाव के नतीजों ने लिख दी BMC इलेक्शन की स्क्रिप्ट?
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महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में 288 में से 215 सीटें जीतकर महायुति ने बड़ी जीत दर्ज की है, जबकि महा विकास अघाड़ी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और उसे सिर्फ 51 शीर्ष पदों पर ही सफलता मिली. बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जिसका स्ट्राइक रेट 63 प्रतिशत से ज्यादा रहा, वहीं शिवसेना और एनसीपी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया. इसके उलट कांग्रेस, उद्धव ठाकरे गुट और शरद पवार गुट का स्ट्राइक रेट 25 प्रतिशत से नीचे रहा.
महाराष्ट्र में कल स्थानीय चुनाव के नतीजे आए हैं. 288 सीटों में से 215 सीटों पर महायुति ने कब्जा किया है जबकि महा विकास अघाड़ी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है. MVA को सिर्फ 51 शीर्ष पदों पर जीत मिल सकी. पूरे चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी और कामयाब पार्टी बनी है. शिवसेना और एनसीपी ने भी शानदार सफलता हासिल की है. पूरी अघाड़ी मिलकर भी शिवसेना के नंबर्स को पार नहीं कर सकी. अब महायुति के नेता कह रहे हैं कि ये विकास की जीत है. महायुति पर महाराष्ट्र की मुहर है तो अघाड़ी के घटक दल कहते हैं कि सरकार ने 'पैसे बांटकर वोट बटोरे हैं'.
आरोप-प्रत्यारोपों से आगे अब चर्चा ये बढ़ चली है कि 15 जनवरी को जो नगर निगमों के चुनाव होने वाले हैं उसमें क्या होगा. बीजेपी-शिवसेना एक साथ लड़ने का ऐलान कर चुकी है. कांग्रेस अकेले लड़ने का ऐलान कर चुकी है. उद्धव ठाकरे की पार्टी जी-तोड़ कोशिश कर रही है कि राज ठाकरे से फौरन गठबंधन का ऐलान हो जाए. इसी बीच उद्धव ठाकरे की पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा भी खोल रखा है. नगर निगम चुनावों से ऐन पहले कांग्रेस को हारने वाली पार्टी, टूरिस्ट पार्टी और न जाने क्या-क्या कहा जा रहा है. ऐसे में सवाल है कि क्या महाराष्ट्र में अब अघाड़ी का भविष्य अंधकारमय हो रहा है.
288 में से 215 सीटों पर महायुति का कब्जा
नगर परिषद और नगर पंचायतों के साथ हुए चुनाव में शहरी निकायों की 288 में से 215 सीटों पर महायुति ने कब्जा कर लिया. शहरी निकायों के शीर्ष पदों पर महायुति में बीजेपी को 129, शिवसेना को 51, एनसीपी को 35 सीटें मिलीं तो अघाड़ी में कांग्रेस को 35, उद्धव को 9 और शरद पवार को 7 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा. पीएम मोदी से लेकर सीएम फडणवीस तक महायुति के नेता इस जीत को विकास की जीत बता रहे हैं तो अघाड़ी के नेता नकद पैसों से खरीदी गई जीत के आरोप लगा रहे हैं.
बीजेपी का स्ट्राइक रेट सबसे हाई
दरअसल महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों के लिए 2 दिसंबर और 20 दिसंबर को 288 शहरी निकायों में, 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के लिए वोट डाले गए थे, जिसमें 75 फीसदी से ज्यादा सीटों पर महायुति ने कब्जा कर लिया. पूरे राज्य में पार्षदों की सीटों पर हुए चुनाव का हिसाब लगाया जाए तो महायुति गठबंधन की ओर से बीजेपी ने 3450 सीटें लड़ी और 2180 सीटें जीत लीं. इनका स्ट्राइक रेट रहा 63.1 प्रतिशत, जो 2020-21 के मुकाबले 12 फीसदी ऊपर था. इसी तरह शिवसेना ने 1620 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और 890 सीटें जीतकर 54.9 फीसदी की स्ट्राइक रेट पाई. एनसीपी ने भी 1150 सीटें लड़कर 510 सीटें जीती यानी 44.3 प्रतिशत की स्ट्राइक रेट रखा.

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