
हमास ने 50 बंधकों को छोड़ने के बदले रखी ये डिमांड, इजरायल ने ठुकराई, अब सीधी जंग के अलावा कोई और विकल्प नहीं
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इजरायल ने हमास के हमलों के बाद से गाजा पट्टी की नाकेबंदी कर रखी है. इजरायल ने खाना, पानी और ईंधन की सप्लाई भी रोक दी. इसके चलते गाजा पट्टी में रहने वाले लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में हमास ने 50 बंधकों को छोड़ने के बदले ईंधन की सप्लाई की अनुमति देने की शर्त रखी है.
इजरायल और हमास के बीच 18 दिन से जंग जारी है. जंग के बीच हमास अब सौदेबाजी पर उतर आया है. उसने इजरायल के सामने दोहरी नागरिकता वाले 50 बंधकों को रिहा करने के बदले फ्यूल सप्लाई की मांग की है. हालांकि, इजरायल ने इस मांग को ठुकरा दिया है. इजरायल का कहना है कि ईंधन सप्लाई की अनुमति तभी देगा, जब सभी 220 बंधकों को रिहा किया जाएगा.
दरअसल, हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला किया था. इन हमलों में अब तक 1400 लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा हमास ने सैकड़ों इजरायली और विदेशी नागरिकों को बंधक बना लिया था. इनमें हमास के लड़ाके गाजा पट्टी में रखे हुए हैं. हालांकि, कुछ बंधकों को रिहा कर दिया गया है. हालांकि, अभी भी 220 नागरिक हमास के कब्जे में हैं.
हमास के हमलों के बाद इजरायल ने गाजा पट्टी में जवाबी कार्रवाई की थी. इतना ही नहीं इजरायल ने गाजा पट्टी की नाकेबंदी भी कर दी. इजरायल ने खाना, पानी और ईंधन की सप्लाई भी रोक दी. इसके चलते गाजा पट्टी में रहने वाले लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में हमास ने 50 बंधकों को छोड़ने के बदले ईंधन की सप्लाई की अनुमति देने की शर्त रखी है.
बातचीत अभी भी जारी
द टाइम्स ऑफ इजराय ने एक वरिष्ठ राजनयिक अधिकारी के हवाले से बताया कि इजरायल और हमास के बीच 50 बंधकों को रिहा करने के लिए कतर और इजिप्ट के माध्यम से बातचीत चल रही है. इससे पहले द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि हमास ने गाजा में ईंधन की अनुमति देने के बदले दोहरी नागरिकता वाले 50 नागरिकों की रिहाई की मांग रखी है.
माना जा रहा है कि सभी 220 बंधक हमास के कब्जे में नहीं हैं. क्योंकि इससे पहले फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद ने दावा किया था कि उसके पास 30 बंधक हैं. इस्लामिक जिहाद के लड़ाके भी 7 अक्टूबर को इजरायल पर हुए हमले में शामिल थे.

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