
स्पेन में बाढ़ का कहर: 95 की मौत, तेज बहाव में लोगों को बचने का भी मौका नहीं मिला!
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स्पेन में आई भीषण बाढ़ से अब तक 95 लोगों की मौत हो चुकी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आपदा ने घरों को तबाह कर दिया और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है. इसे हाल के सालों में यूरोप की सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदा माना जा रहा है.
स्पेन में आई भीषण बाढ़ से अब तक 95 लोगों की मौत हो चुकी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आपदा ने घरों को तबाह कर दिया और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है. इसे हाल के सालों में यूरोप की सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदा माना जा रहा है.
मंगलवार से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने बुधवार तक स्पेन के दक्षिण और पूर्वी क्षेत्रों में कहर बरपाया. मलागा से लेकर वेलेंसिया तक कीचड़ से भरी बाढ़ ने वाहनों को बहा दिया. पुलिस और बचाव दलों ने हेलिकॉप्टर की मदद से लोगों को घरों से बाहर निकाला और रबर की नावों से कारों के ऊपर फंसे लोगों तक पहुंच बनाई.
वेलेंसिया में सबसे ज्यादा मौतें बुधवार को वेलेंसिया के आपातकालीन सेवा विभाग ने 92 मौतों की पुष्टि की. पड़ोसी क्षेत्र कास्टिला ला मंचा में दो लोगों की जान गई, जबकि दक्षिणी अंडालूसिया में एक शख्स की मौत की खबर है.
मेयर का बयान: 'ज़िंदगी का सबसे बुरा दिन' वेलेंसिया के कस्बे उटिएल के मेयर, रिकार्डो गाबाल्डोन, ने राष्ट्रीय प्रसारक RTVE से बातचीत में कहा,-कल मेरी ज़िंदगी का सबसे बुरा दिन था. उन्होंने बताया कि कस्बे में छह निवासियों की जान चली गई है और कई लोग अब भी लापता हैं.स्पेन की इस भीषण बाढ़ ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है, और राहत व बचाव कार्य जोरों पर जारी है.
सुनामी जैसा मंजर CNN की रिपोर्ट के अनुसार, एक स्थानीय निवासी गुइलेर्मो सेरानो पेरेज ने बताया कि जब पानी बढ़ने लगा, तो यह एक विशाल लहर की तरह आया, मानो सुनामी हो. मंगलवार की रात अचानक आई इस बाढ़ का अहसास हजारों लोगों ने किया. रिबा-रोजा डी तुरिया के मेयर ने कहा-मूसलाधार बारिश इतनी तेज हुई कि कुछ ही मिनटों में पानी एक से डेढ़ मीटर तक बढ़ गया. क्षेत्र के अन्य हिस्सों से भी बाढ़ के पानी में लोगों के बहने और लापता होने की खबरें आने लगीं.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.







