
ईरान जंग RECAP: ट्रंप बोले डील करीब, लेकिन कैसे हैं जमीनी हालात?
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मिडिल ईस्ट में जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ डील के संकेत दिए हैं, लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही कहानी बता रहे हैं. ईरान हॉर्मुज स्ट्रेट पर दबाव बनाए हुआ है, जबकि पूरे क्षेत्र में हिंसा बढ़ती जा रही है. सवाल है कि क्या यह जंग खत्म होगी या और फैलने वाली है.
मिडिल ईस्ट इस वक्त ऐसी आग में जल रहा है, जहां हर दिन हालात और ज्यादा गंभीर होते जा रहे हैं. एक तरफ बातचीत और शांति की बातें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ जमीन पर मिसाइलें, हमले और मौत का सिलसिला जारी है. राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही दावा किया है कि डील अब दूर नहीं है.
अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि बातचीत में "पॉजिटिव सिग्नल" मिल रहे हैं और जल्द कोई समझौता हो सकता है. इस बातचीत को आगे बढ़ाने में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो अहम भूमिका निभा रहे हैं. इस बीच खबर है कि अमेरिका की तरफ से कमोबेश 1000 एयरबोर्न सैनिक मिडिल ईस्ट में तैनात करने की तैयारी चल रही है.
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इनके अलावा बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बैकचैनल बातचीत भी हुई है, और ईरान सस्टेनेबल यानी टिकाऊ प्रस्तावों पर बात करने को तैयार है. ट्रंप ने यह भी इशारा किया कि ईरान की तरफ से "ऑयल और गैस" से जुड़ा कोई गुडविल जेस्चर भी दिया गया है, जो इस बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है. हालांकि, इससे पहले ट्रंप के बातचीत के दावे को ईरान ने खारिज कर दिया था.
होर्मुज स्ट्रेट पर आवाजाही अब भी बंद
अगर जमीनी हालात देखें, तो तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आती है. होर्मुज स्ट्रेट पर आवाजाही अब भी बंद है. इस पर सुल्तान अहमद अल जाबेर ने इसे "इकोनॉमिक टेररिज्म" तक कह दिया. इसका सीधा असर पूरी दुनिया पर पड़ा है. तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, और अगर जंग जल्द खत्म भी हो जाए, तो भी कीमतें सामान्य होने में महीनों लग सकते हैं.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.

आज का दंगल ईरान की जंग से भारत की बिगड़ती सेहत को लेकर है. ईरान में 25 दिन से जंग चल रही है. और पीएम मोदी ने कहा है कि इस जंग के कारण भारत पर दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. पीएम मोदी ने कोविड महामारी की तरह मिल जुलकर इस चुनौती का सामना करने की अपील की है और देशवासियों को सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी दिया है. पश्चिम एशिया में जंग के हालात से उभरी चुनौतियों को लेकर सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.

हिज्बुल्लाह ने इजरायली सेना पर जबरदस्त रॉकेट हमला किया है. हिजबुल्लाह प्रवक्ता ने कहा है कि हमने दुश्मन पर कई रॉकेट दागे हैं. उन्होंने कहा कि आज सुबह ये हमला लेबनान की सुरक्षा के लिए किया गया. इजरायल ने भी माना है कि हाइफा में कई रॉकेट दागे गए, लेकिन इजरायल का दावा है कि हमने ज्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया. देखें वीडियो.

तेल अवीव में मची तबाही का ड्रोन फुटेज सामने आया है. इसमें देखा जा सकता है कि मंगलवार की सुबह जब दुनिया की नजरें ट्रंप के '5-दिन के युद्ध विराम' के दावों पर टिकी थीं, ठीक उसी वक्त ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने तेल अवीव की सुरक्षा दीवार को चकनाचूर कर दिया. ताजा ड्रोन फुटेज ने इस हमले की भयावहता की गवाह दे दी है. देखें वीडियो.

अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का आज 25वां दिन है. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य हमले भी थम नहीं रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ईरान के ऊर्जा और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5 दिन हमला ना करने का दावा किया लेकिन अब IRGC ने दावा किया है कि ईरान के 2 ऊर्जा ठिकानों को फिर से निशाना बनाया गया. इस बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप से बातचीत की और उसके बाद कहा कि ईरान और लेबनान पर हमले जारी रहेंगे. इजरायल लगातार लेबनान में हिज्बुल्ला के ठिकानों को निशाना बना रहा है. इस हमलों के बीच ये युद्ध भीषण रूप लेता जा रहा है. जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बेहद मजबूत बातचीत हुई है और करीब करीब सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई है. उन्होंने ये भी कहा है कि विटकॉफ और कुश्नर बातचीत कर रहे हैं. अगर इसी तरह बातचीत चली तो युद्ध खत्म हो सकता है. ट्रंप दावा कर रहे हैं कि मजबूत बातचीत रही लेकिन ईरान का कहना है कि कोई बातचीत नहीं हुई जब ट्रंप से पूछा गया कि विटकॉफ और कुशनर किससे बातचीत कर रहे हैं तो उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हम उस व्यक्ति से बात कर रहे हैं, जिसे मैं सबसे अधिक सम्मानित और नेता मानता हूं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो नेता ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खुमेनेई हैं तो ट्रंप ने कहा कि नहीं- वो सुप्रीम लीडर नहीं है, हमें ये भी नहीं पता कि वो जीवित हैं या नहीं.







