
सावन का पहला सोमवार... हरिद्वार और शिव मंदिरों में कांवड़ियों की भारी भीड़, गंगाजल लेने उमड़ा जनसैलाब, VIDEO
AajTak
सावन के पहले सोमवार के मौके पर हरिद्वार और शिव मंदिरों पर कांवड़ियों का सैलाब उमड़ रहा है. इसके लिए पुलिस-प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं. मंदिरों और घाटों के एंट्री गेटों पर बैरियर लगाकर भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है. सरकारी अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा में भाग लेने वालों की संख्या हर साल बढ़ रही है. इस साल लगभग 6 से 7 करोड़ कांवड़ियों के आने की उम्मीद है.
आज सावन का पहला सोमवार है. इस मौके पर हरिद्वार से कांवड़ यात्रा के लिए शिव भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है तो दूसरी ओर शिव मंदिर में भी लोग पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं. इसकी को ध्यान में रखते हुए यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं. इस मौके पर लाखों कांवड़ियों के साथ-साथ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ हर पौड़ी पर गंगा स्नान के लिए उमड़ी है.
सावन के पहले सोमवार को हजारों कांवड़िएं शिव मंदिरों में जलाभिषेक और हरिद्वार गंगा स्नान के लिए पहुंच रहे हैं. इसके लिए पुलिस-प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं. मंदिरों और घाटों के एंट्री द्वारों पर बैरियर लगाकर भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है. ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर रूट डायवर्जन लागू किए हैं, ताकि कांवड़ियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो. साथ ही प्रशासन ने क्राउड मैनेजमेंट के लिए एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था की है.
हरिद्वार में कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग
प्रशासन का कहना है कि शहर के कई प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है और शहर में सिर्फ वाहनों को सावधानीपूर्वक एंट्री और एग्जिट की परमिशन होगी. साथ ही यूपी में गाजियाबाद,मेरठ और मुजफ्फरनगर में भी डायवर्जन लागू किया गया है. वहीं, दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर रात आठ बजे से भारी वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया और ई-रिक्शों पर भी रोक लगाई है.
प्रशासन ने बताया कि यूपी, दिल्ली और हरियाणा से आने वाले कांवड़िएं बड़ी-बड़ी झांकियां और डीजे लेकर हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंच रहे हैं. जो लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं. हालांकि, सुरक्षा-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बड़े डीजे और बड़ी-बड़ी कांवड़ झांकियों को बॉर्डर पर ही रोक दिया गया है.
6 से 7 करोड़ कांवड़ियों के पहुंचने का है अनुमान

वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग के बाद पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है.












