
'सात जन्म लेना पड़ेगा...', राहुल गांधी पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का वार
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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि मैं गांधी हूं, सावरकर नहीं. गांधी किसी से माफी नहीं मांगते. सत्ताधारी बीजेपी ने सावरकर को लेकर बयान पर राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह समेत कई मंत्रियों ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा. वहीं, राहुल गांधी के बयान से उद्धव ठाकरे गुट ने भी किनारा कर लिया है.
राहुल गांधी को लेकर संसद से सड़क तक सियासी संग्राम जारी है. विपक्षी दल जहां राहुल गांधी को संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित किए जाने को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, सरकार पर हमलावर हैं तो वहीं सत्तापक्ष भी आक्रामक है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने राहुल गांधी और विपक्ष पर हमला बोला है.
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पर हमला बोलते हुए कहा है कि राहुल गांधी को सात जन्म लेना पड़ेगा तब कहीं जाकर वे वीर सावरकर को जान पाएंगे. समाचार एजेंसियों के मुताबिक, उन्होंने कहा कि सावरकर ने अपनी पूरी जिंदगी सेलुलर जेल में काटी. गिरिराज सिंह ने सवालिया अंदाज में कहा कि क्या वे (राहुल गांधी) कभी सेलुलर जेल गए हैं?
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक बार सेलुलर जेल जाकर देखें. गिरिराज ने कहा कि तब उन्हें (राहुल गांधी को) पता चलेगा कि सावरकर क्या है? वहीं, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कहां भगवान राम और कहां ये कांग्रेस के लोग. उन्होंने कहा कि पहले इन्होंने कहा था कि मैं सावरकर नहीं हूं, माफी नहीं मांगूगा.
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि क्या इन्हें वीर सावरकर जैसे लोगों का योगदान पता है? केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी राहुल गांधी पर हमला बोला और आरोप लगाया कि अप्रासंगिक तरीके से वीर सावरकर का नाम लेकर उनका अपमान किया गया. उन्होंने कहा कि सावरकर को लेकर अप्रासंगिक बयान से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं.
गजेंद्र सिंह शेखावत ने की आलोचना
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि अगर सावरकर को जानना है तो एक बार अंडमान की जेल में पांच मिनट के लिए मौन बैठिए. वहां की दीवारें आज भी सावरकर के संघर्ष की साक्षी हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की संसद सदस्यता जाने को लेकर कांग्रेस के सभी नेता पूरे देश में हाहाकार मचा रहे हैं. गजेंद्र सिंह शेखावत ने फैसले के बाद न्यायपालिका और न्यायधीश को लेकर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस की आलोचना की और कहा कि इससे साफ हो गया है कि पार्टी और उसके नेताओं को संविधान और न्यायपालिका में विश्वास नहीं है.

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