
सरगुजा की रिफाइनरी में बड़ा हादसा, कोयले से भरा हॉपर गिरने पर तीन मजदूरों की मौत
AajTak
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में एक दर्दनक हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई. दरअसल एल्यूमिना रिफाइनरी में कोयले से भरा हॉपर नीचे गिर गया जिस वजह से तीन मजदूर उसकी चपेट में आ गए और उनकी जान चली गई. पुलिस इस मामले में एक अन्य लापता मजदूर की तलाश कर रही है. वहीं इस हादसे में एक शख्स बुरी तरह घायल भी है.
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई. दरअसल सरगुजा में एल्यूमिना रिफाइनरी में कोयले से भरा हॉपर गिरने से तीन श्रमिकों की जान चली गई जबकि एक शख्स घायल हो गया.
पुलिस ने बताया कि लापता एक अन्य कर्मचारी का पता लगाने के लिए राहत और बचाव कार्य जारी हैं. एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना सुबह करीब 11 बजे रघुनाथपुर पुलिस चौकी के तहत सिलसिला गांव में कुदरगढ़ी एल्यूमिना रिफाइनरी में हुई.
नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिरा कोयले से भरा हॉपर
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक कोयले से भरा एक स्टील टावर पर लगा हॉपर ढह गया और उसके नीचे काम कर रहे लोगों पर गिर गया. एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को इसकी सूचना दी गई जिसके बाद एक टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया.
बता दें कि हॉपर एक प्रकार का उपकरण होता है जो भारी मात्रा में सामान को एक जगह से दूसरे जगह ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
लापता मजदूर की तलाश जारी

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









