
सरकार को बिटकॉइन डोनेट करने वाले विदेशियों को नागरिकता दे रहा ये देश
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अल साल्वाडोर ने विदेशी नागरिकों को नागरिकता देने वाले कानून में संशोधन कर दिया है. आने वाले दिनों में यह कानून लागू हो जाएगा. नागरिकता देने वाले इस कानून में बदलाव करते हुए राष्ट्रपति नायब बुकेले ने अपने विकास के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का हवाला दिया है.
आर्थिक संकट से जूझ रहे मध्य अमेरिकी देश अल साल्वाडोर की संसद ने सरकारी, समाजिक और आर्थिक विकास कार्यक्रमों के लिए बिटकॉइन डोनेट करने वाले विदेशियों को नागरिकता देने वाले एक कानून को मंजूरी दी है. विदेशी नागरिकों को नागरिकता देने वाले इस कानून को राष्ट्रपति नायब बुकेले की न्यू आइडियाज पार्टी के समर्थन से संसद ने पारित कर दिया. आने वाले दिनों में यह कानून लागू हो जाएगा. नायब बुकेले अगले साल 4 फरवरी को होने वाले चुनावों में फिर से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. हालांकि, वहां का संविधान उन्हें स्पष्ट रूप चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं देता.
बिटकॉइन के कारोबार में उछाल नागरिकता देने वाले इस कानून में बदलाव करते हुए राष्ट्रपति ने अपने विकास के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का हवाला दिया है. उन्होंने अल साल्वाडोर के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास का समर्थन करने में रुचि रखने वालों और इसके लिए बिटकॉइन के जरिए डोनेशन देने वाले विदेशियों को अल साल्वाडोर की नागरिकता देने की बात कही है. साथ ही उन्होंने बताया कि यह कानून किसी न्यूनतम समाधान की आवश्यकता का उल्लेख नहीं कर रहा है. वहीं, गुरुवार को देश भर में बिटकॉइन का 43,741 डॉलर का कारोबार हुआ था. इस नए कानून में उस प्रावधान को खत्म कर दिया गया है, जिसमें व्यक्ति को अल साल्वाडोर की नागरिकता प्राप्त करने के लिए किसी भी गैर स्पेनिश भाषी देश में कम से कम 5 साल के लिए स्थायी निवासी होना जरूरी था. साथ ही अगर नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले का पति या पत्नी अल साल्वाडोरन है, तो उसे दो साल स्थायी निवास की जरूरत होती थी. बता दें कि अल साल्वाडोर ने साल 2021 में बिटकॉइन को नेशनल करेंसी बनाया था. हालांकि, देश भर में इसका इस्तेमाल बहुत सीमित था.
IMF नेबताए बिटकॉइन के जोखिम नकदी के संकट से जूझ रही बुकेले सरकार इस वक्त देश की धीमी आर्थिक विकास दर को रफ्तार देने के लिए नए वित्तीय कार्यक्रम को ध्यान में रखकर अंतरराष्ट्रीय मुद्र कोष के साथ एक समझौते पर काम कर रही है. आईएमएफ ने अल साल्वाडोर द्वारा बिटकॉइन को कानूनी रूप से लीगल करेंसी बनाने को लेकर, उससे पैदा होने वाले जोखिमों के बारे में चेताया है.
शीर्ष अदालत के फैसले का हुआ विरोध साल 2021 में अल साल्वाडोर की शीर्ष अदालत ने फैसला सुनाया था कि बुकेले फिर से राष्ट्रपति चुनाव में खड़े हो सकते हैं. शीर्ष अदालत के इस फैसले का संयुक्त राज्य अमेरिका सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विरोध हुआ था. बता दें कि अल साल्वाडोर की शीर्ष अदालत के सदस्यों की नियुक्ति सरकार द्वारा ही की जाती है.

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