
'सम्मान नहीं मिला तो हमारे दरवाजे खुले', BJP से भतीजे चिराग को मिल रही तवज्जो के बीच पशुपति पारस ने दिखाए तेवर
AajTak
पशुपति पारस ने कहा कि हम बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह करते हैं कि हमारे पांचों सांसदों पर विचार करें. हम सूची का इंतजार करेंगे. घोषणा के बाद अगर हमें उचित सम्मान नहीं दिया गया, तो हमारी पार्टी स्वतंत्र है और हमारे दरवाजे खुले हैं. हम कहीं भी जाने को तैयार रहेंगे.
बिहार में NDA में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हो गया है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी, चिराग पासवान की पार्टी को 5 सीटें देने पर राजी हो गई है. जबकि चिराग के चाचा पशुपति पारस को एक भी सीट नहीं मिली है. ऐसे में केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने कहा कि आज हमारे संसदीय बोर्ड की बैठक हुई. सदस्यों ने फैसला किया है कि जब तक भाजपा की उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट सामने नहीं आ जाती, हम बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह करते हैं कि हमारे पांचों सांसदों पर विचार करें. हम सूची का इंतजार करेंगे. घोषणा के बाद अगर हमें उचित सम्मान नहीं दिया गया, तो हमारी पार्टी स्वतंत्र है और हमारे दरवाजे खुले हैं. हम कहीं भी जाने को तैयार रहेंगे.
बता दें कि भतीजे चिराग को बीजेपी से मिल रही तवज्जो से चाचा पशुपति पारस असहज महसूस कर रहे हैं. हाल ही में चिराग ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद जब चिराग से उनके चाचा के बारे में पूछा गया तो चिराग ने कहा था कि मैं नहीं जानता कि वह एनडीए का हिस्सा भी हैं या नहीं. साथ ही कहा था कि बिहार में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हो गया है. हम सूबे की सभी 40 सीटें और देशभऱ में 400 सीटों पर जीत का परचम फहराएंगे.
बिहार में ये होगा सीट शेयरिंग का फॉर्मूला!
सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई थी कि NDA ने बिहार में सीट शेयरिंग को लेकर लंबे समय से जारी सस्पेंस अब खत्म कर लिया है. इसमें कहा गया कि जीतन राम मांझी की पार्टी HAM को 1 सीट, उपेन्द्र कुशवाह की पार्टी RLM को 1 सीट और चिराग पासवान को हाजीपुर समेत 5 सीटें देने पर सहमति बनी है. इसके अलावा नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू 16 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. जबकि पशुपति पारस की पार्टी को एनडीए में एक भी सीट नहीं मिलेगी.
पशुपति पारस को राज्यपाल बनाने पर सहमति!
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने पशुपति पारस को राज्यपाल बनाने और समस्तीपुर सांसद प्रिंस राज को बिहार सरकार में मंत्री बनाने का ऑफर दिया है. बता दें कि प्रिंस राज चिराग पासवान के चचेरे भाई है. पिता रामचंद्र पासवान की मृत्यु के बाद प्रिंस राज समस्तीपुर से उपचुनाव जीतकर सांसद बने थे, लेकिन साल 2021 में लोक जनशक्ति पार्टी टूट गई और प्रिंस राज पशुपति पारस के खेमे में चले गए थे. बताया जा रहा है कि इस फैसले के बाद ही पशुपति पारस नाराज हैं और महागठबंधन के साथ जाने की संभावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों रसोइया और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर तूता मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. रसोइया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जो उनके परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है. ठंड के बावजूद वे 22 दिनों से धरना दे रहे हैं पर शासन के कोई प्रतिनिधि उनसे अब तक नहीं मिले हैं.

आठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने चार शंकराचार्य पीठों की स्थापना की. उद्देश्य था हिंदू धर्म और दर्शन को बचाना और आगे बढ़ाना. ऐसा हुआ भी. लेकिन पिछली एक सदी में कई और शंकराचार्य पीठ गढ़ ली गईं. इन पर बैठने वालों में कलह आम हुई. चुनावी लाभ, उत्तराधिकार का झगड़ा, राजनीतिक हस्तक्षेप, और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं ने इस पद को धार्मिक से ज्यादा राजनीतिक बना दिया है.





