
सभी विश्वविद्यालयों में एक सिलेबस! बिहार में 22 साल बाद लिया ये फैसला, जानें क्या होगा फायदा
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बिहार शिक्षा विभाग ने छात्रों के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए अगले साल से नए सिलेबस से पढ़ाई करने का फैसला लिया है. यह सिलेबल नेट, बीपीएससी और यूपीएससी जैसी परीक्षाओं के आधार पर तैयार किया जाएगा. सबसे बड़ी बात यह है कि बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में एक ही सिलेबल लागू होगा.
बिहार में पढ़ रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है. लगभग 22 साल बाद बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में सिलेबस बदलने जा रहा है. सभी विश्वविद्यालयों में अब एक ही सिलेबस होगा. अंडरग्रेजुएट कोर्स का नया सिलेबस अगले एकेडमिक ईयर से लागू हो सकता है.
सभी विश्वविद्यालयों में एक सिलेबस का फायदा बिहार शिक्षा विभाग ने छात्रों के आगे के करियर को देखते हुए यह फैसला लिया है. उच्च शिक्षा विभाग के मुताबिक अब नए सिलेबस नेट, बीपीएससी और यूपीएससी की परीक्षाओं को ध्यान में रख कर बनाया जाएगा. उच्च शिक्षा निदेशक प्रो रेखा कुमारी के अनुसार राज्य के विश्वविद्यालयों में नए सत्र में सीबीसीएस के तहत पढ़ाई कराई जाएगी जिसका मतलब है च्वॉइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम जिसमे अब छात्रों को नम्बर की जगह ग्रेड और क्रेडिट दिया जाएगा.सिलेबस बदलने की जिम्मेदारी राजभवन की है. इसके लिए अनुरोध पत्र राजभवन को भेज दिया गया है.
विश्वविद्यालयों को मिलेगी ये छूट राजभवन कुलपतियों की कमेटी बनाकर सिलेबस बदलने की प्रक्रिया को पूरा करेगा. इसके बाद राजभवन की तरफ से सभी विश्वविद्यालयों को स्नातक का नया सिलेबस भेजा जाएगा. विश्वविद्यालयों को अपनी तरफ से 10 से 20 प्रतिशत स्थानीय सामग्री जोड़ने की छूट होगी.
22 साल बाद बदलेगा यूजी का सिलेबस बता दें कि बिहार के विश्वविद्यालयों में स्नातक के सिलेबस में पिछले 22 वर्षों से कोई बदलाव नहीं किया गया था. इस दौरान पोस्ट ग्रेजुएशन के सिलेबस तीन बार जरूर बदले गए हैं. हालांकि पटना विश्वविद्यालय ने 2019 में स्नातक के लिए नया सिलेबस तैयार किया था लेकिन वो राजभवन में लंबित है. केवल सीबीसीएस सिस्टम लागू किया गया है.

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