
सगी मां और भाई ने कर दी 26 साल के युवक की हत्या... पत्नी के इलाज के लिए मांग रहा था पैसे
AajTak
महाराष्ट्र के नागपुर (Nagpur Maharashtra) जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक युवक की उसकी सगी मां और भाई ने मिलकर हत्या (Murder) कर दी. बताया जा रहा है कि युवक अपनी पत्नी के इलाज के लिए मां से पांच हजार रुपये मांग रहा था. इसको लेकर घर में विवाद भी हुआ था. फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
महाराष्ट्र के नागपुर (Nagpur Maharashtra) के नंदनवन इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. यहां एक महिला ने अपने ही 26 साल के बेटे की हत्या कर दी. मामला सामने आने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले का जायजा लिया. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है.
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान शुभम उर्फ भूर्या नानवटे के रूप में हुई है. शुभम उर्फ भूर्या अपने पत्नी और मां के साथ नागपुर (Nagpur) के नंदनवन इलाके में रहता था. भूर्या ने कुछ दिन पहले एक लड़की से शादी की थी. शनिवार को भूर्या ने घर में विवाद किया. वह अपनी पत्नी के सोनोग्राफी टेस्ट के लिए अपनी मां से 5 हजार रुपये की मांग कर रहा था, लेकिन उसकी मां ने मना कर दिया. भूर्या के पास पैसे नहीं थे, इसलिए वह और भी गुस्सा हो गया.
यह भी पढ़ें: ग्रेटर नोएडा: छोटे भाई को शराब पीने से बहन ने किया मना, दरिंदे ने सीने में गोली मार दी, मौत
भूर्या की मां और उसके भाई ने पुलिस को बताया कि जब भूर्या का भाई विक्की घर लौटा तो दोनों में बहस होने लगी. गुस्से में भूर्या ने खुद को सिर में ईट से मारकर घायल कर लिया. इसके बाद भूर्या के भाई विक्की ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया. इलाज के बाद भूर्या को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
अस्पताल से घर पहुंचने पर भूर्या को दवा दी गई और सुला दिया गया, लेकिन सुबह उसकी मौत हो गई. भूर्या की मौत पर उसकी पत्नी निकिता ने नंदनवन थाने में घटना की जानकारी दी. इसके बाद भूर्या की मां रंजना अशोक नानवाटे और विक्की उर्फ नरेंद्र के खिलाफ भूर्या की पत्नी की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ ये खुलासा

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









