
सऊदी, तुर्की, चीन... अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष को लेकर क्या बोले दुनिया के देश
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव ने शुक्रवार को खुली जंग का रूप ले लिया है. इस संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल दिया है और चीन, रूस, ईरान, तुर्की सहित कई देशों ने संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की अपील की है. संयुक्त राष्ट्र ने भी अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और नागरिक सुरक्षा पर जोर दिया है.
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव ने शुक्रवार रात 'ओपन वॉर' का रूप ले लिया है. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल समेत कंधार और कई अन्य प्रांतों पर एयरस्ट्राइक की जिसके जवाब में अफगान सेना ने भी हमले किए. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान के साथ जंग का ऐलान करते हुए कहा कि 'हमारी सब्र की इंतहा हो चुकी है. अब यह हमारे और उनके (अफगानिस्तान) के बीच खुली जंग है.'
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ अपने 'ऑपरेशन गजब लिल हक' में सैकड़ों तालिबानी सैनिकों को मारने का दावा किया है. अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि अफगान सैनिकों ने पकतिका, पकतिया, खोस्त, नंगरहार, कुनार और नूरिस्तान प्रांतों में जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सैनिकों को धूल चटा दिया. अफगान सैनिकों ने पाकिस्तान के दो मिलिट्री बेस समेत 19 पोस्ट पर कब्जा कर लिया.
अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हमलों ने क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल दिया है, और दुनिया भर के देशों ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है. संयुक्त राष्ट्र से लेकर क्षेत्रीय देशों तक, सभी ने बातचीत का रास्ता अपनाने पर जोर दिया है.
पाकिस्तान का सदाबहार दोस्त चीन क्या बोला?
पाकिस्तान और अफगानिस्तान को लेकर चीन की बड़ी हसरतें थीं. वो दोनों देशों को करीब लाकर चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) का विस्तार काबुल तक करना चाहता था. लेकिन दोनों देशों के बीच छिड़ी जंग ने चीन के इन मंसूबों पर पानी फेर दिया है.
अब चीन ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान की लड़ाई पर प्रतिक्रिया दी है. चीन ने कहा है कि वो पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव को लेकर बेहद चिंतित है.

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