
संस्कृत को आधिकारिक भाषा बनाएगी सरकार? गृह राज्यमंत्री ने संसद में दिया जवाब
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संसद में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान संस्कृत को कम्युनिकेशन की भाषा, ऑफिसियल लैंगुएज बनाए जाने को लेकर पूछे गए लिखित सवाल का गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने लिखित जवाब दिया.
संसद के चालू बजट सत्र के 11वें दिन लोकसभा में संस्कृत भाषा का मुद्दा उठा. लोकसभा में हंगामे के बीच संस्कृत भाषा को कम्युनिकेशन की भाषा, आधिकारिक भाषा बनाए जाने के संबंध में एक लिखित सवाल का गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने लिखित जवाब दिया. अजय मिश्रा टेनी ने इस सवाल के जवाब में साफ किया कि नहीं.
अजय मिश्रा टेनी ने लिखित जवाब में कहा है कि संस्कृत को कम्युनिकेशन की भाषा, ऑफिसियल लैंगुएज बनाने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है. उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 343 (1) के मुताबिक देवनागरी लिपि में हिंदी भारत की ऑफिसियल लैंगुएज है. अजय मिश्रा टेनी ने संस्कृत को कम्युनिकेशन की भाषा, ऑफिसियल लैंगुएज बनाए जाने से संबंधित सवाल के लिखित जवाब में ये कहा.
गौरतलब है कि सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अगुवाई कर रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद सुब्रत पाठक ने लोकसभा में संस्कृत भाषा को लेकर लिखित सवाल पूछा था. सुब्रत पाठक ने सवाल किया था कि क्या सरकार के पास हिंदी के साथ संस्कृत को भी कम्युनिकेशन की भाषा, ऑफिसियल लैंगुएज बनाने का प्रस्ताव है?
बीजेपी सांसद सुब्रत राय के इस लिखित सवाल का सरकार की ओर से गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने लिखित जवाब दिया. गौरतलब है कि संसद के दोनों सदनों में हंगामे के कारण कार्यवाही नहीं चल पा रही है. मंगलवार को भी लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई जिसमें प्रश्नकाल भी शामिल है.
बता दें कि लोकसभा में कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई और आसन की ओर से प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू की गई, विपक्ष के सांसद वेल में आ गए. विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर हंगामा शुरू कर दिया. हंगामा कर रहे सांसदों ने वेल में आकर आसन की ओर कागज उछाले, नारेबाजी की जिसके बाद आसन की ओर से सदन की कार्यवाही पहले दोपहर दो बजे और फिर 29 मार्च की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

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