
संसद सुरक्षा चूक मामले में आरोपियों का होगा नार्को टेस्ट और ब्रैन मैपिंग, 8 दिनों की बढ़ी पुलिस कस्टडी
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संसद सुरक्षा चूक मामले में महिला को छोड़ अन्य सभी आरोपियों का नार्को और पॉलीग्राफी टेस्ट होगा. सभी आरोपियों ने इसके लिए सहमति जताई है. वहीं कोर्ट ने सभी आरोपियों की पुलिस कस्टडी भी 8 दिनों के लिए बढ़ा दी है. पुलिस अब इन 8 दिनों में आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सबूत जुटाएगी.
संसद सुरक्षा चूक मामले में कोर्ट ने सभी 6 आरोपियों की पुलिस कस्टडी 8 दिन बढ़ा दी है. वहीं दूसरी तरफ आरोपी ललित झा, महेश कुमावत और अनमोल ने पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए सहमति दी है. सागर शर्मा और मनोरंजन डी ने पॉलीग्राफी, नार्को और ब्रेन मैपिंग टेस्ट के लिए भी हामी भरी है.
नीलम आज़ाद ने पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए सहमति देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने आरोपियों का पॉलीग्राफ, नार्को टेस्ट और ब्रेन मैपिंग के लिए भी अर्जी दी है, इसलिए कोर्ट ने लीगल ऐड के वकील से आरोपियों को बात करने के लिए कहा है.
पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने जो मोबाइल नष्ट किए हैं उनके सिमकार्ड रिकवर कर लिए गए हैं. कुछ डाटा भी रिकवर हुआ है. दिल्ली पुलिस ने कहा कि विशेषज्ञों के मुताबिक इन सभी आरोपियों का मनोवैज्ञानिक परीक्षण आवश्यक हैं. मनोरंजन और सागर से जानकारी निकलवाने के लिए लिए हमें नार्को करना होगा.
वहीं आरोपियों के वकील ने कस्टडी बढ़ाए जाने की मांग का विरोध किया है. सुनवाई के दौरान नीलम आजाद के वकील ने कहा कि सोशल मीडिया के डाटा की जांच के लिए पुलिस हिरासत की जरूरत नहीं है.
दिल्ली पुलिस ने कहा कि कुछ पासवर्ड डिस्क्लोज की जानकारी मिली है, डाटा कन्फर्म करवाने के लिए हिरसत की जरूरत है. आरोपियों के वकील ने कहा कि जिस पासवर्ड की जानकारी नहीं देने का पुलिस आरोप लगा रही हैं उसके डिटेल के बारे में पुलिस को कोर्ट को बताना चहिए.
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी नीलम आजाद को छोड़कर सभी आरोपियों के पॉलीग्राफ टेस्ट की इजाजत दे दी है. अदालत ने मनोरंजन डी और सागर के ब्रेन मैपिंग और नार्को की भी इजाजत दी.

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