
श्रीलंका: लिट्टे सुप्रीमो प्रभाकरन का जन्मदिन मनाना पड़ा भारी, 20 से अधिक लोग गिरफ्तार
AajTak
सुरक्षा बलों ने उत्सव पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर कम से कम 24 लोगों को गिरफ्तार किया. हालांकि, गिरफ्तार किए गए लोगों को बाद में चेतावनी के बाद रिहा कर दिया गया. वावुनिया, जाफना, मन्नार, मुल्लातिवु और किलिनोच्ची के निवासियों को संघर्ष में मारे गए लोगों की कब्रों पर दीपक जलाते देखा गया.
मारे गए लिट्टे सुप्रीमो वी प्रभाकरन की 69वीं जयंती मनाने के लिए समारोहों पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने के लिए श्रीलंकाई सुरक्षा बलों ने कम से कम 24 लोगों को गिरफ्तार किया. प्रभाकरन 26 नवंबर को अपने जन्मदिन के मौके पर वार्षिक नीति भाषण देता था. उसने करीब 3 दशकों तक श्रीलंका के अलग-अलग हिस्सों में आतंक मचाया था.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक श्रीलंकाई तमिलों के एक वर्ग द्वारा 27 नवंबर का दिन 'मावेरार नाल' या महान नायक दिवस के रूप में मनाया जाता है. इन लोगों को आम तौर पर टाइगर्स का समर्थक माना जाता है. यह वह दिन है जिस दिन लिट्टे के शहीद सदस्यों को याद किया जाता है.
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने उत्सव पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर कम से कम 24 लोगों को गिरफ्तार किया. हालांकि, गिरफ्तार किए गए लोगों को बाद में चेतावनी के बाद रिहा कर दिया गया. वावुनिया, जाफना, मन्नार, मुल्लातिवु और किलिनोच्ची के निवासियों को संघर्ष में मारे गए लोगों की कब्रों पर दीपक जलाते देखा गया.
जाफना यूनिवर्सिटी में रविवार को छात्रों ने केक काटकर प्रभाकरन की 69वीं जयंती मनाई. इसी तरह, तमिल प्रांतीय राजनेताओं के एक समूह ने वेल्वेट्टीथुराई में प्रभाकरण के जन्मस्थान के सामने केक काटा. अधिकारियों द्वारा समारोह आयोजित करने पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद उत्तर और पूर्व में विभिन्न स्थानों पर तेल के दीपक जलाए गए.
बता दें कि पुलिस पर सोमवार को बट्टिकलोआ के पूर्वी जिले में आयोजित हीरोज़ डे समारोह में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया था. तमिल समूहों ने कहा कि दंगा सामग्री से लैस पुलिस ने जश्न में खलल डालने के लिए लाल और पीले झंडों को फाड़ दिया और तेल के लैंप को जमीन से बाहर खींच लिया.

अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट दी, लेकिन ईरान ने एक्स्ट्रा तेल होने से इनकार कर दिया. दोनों के दावों से वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. दुनियाभर के मुल्क ये उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अमेरिकी की ओर से छूट मिलने के बाद ईरान का तेल उन्हें मिलेगा. लेकिन, ईरान के बयान से सभी को बड़ा झटका लगा है.

ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिकी और ब्रिटिश संयुक्त सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर हमला किया है. मध्यपूर्व की सीमाओं से दूर किसी अमेरिकी ठिकाने पर ये ईरान का अबतक का सबसे बड़ा हमला है. वहीं ईरान ने ब्रिटेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ब्रिटेन अमेरिका को ब्रिटिश सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने देता है तो इसे सीधे आक्रामक कार्रवाई में भागीदार माना जाएगा.

ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिकी और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर मिसाइल हमला किया है. मध्यपूर्व की सीमाओं से दूर किसी अमेरिकी ठिकाने पर ये ईरान काअबक का सबसे बजड़ा हमला है. डिएगो गारर्सिया बोहद रणनीतिक सैन्य अड्डा है. B-52 बॉम्बर विमान, लंबी दूरी के हमले के हथियार इस बेस पर मौजूद है.

ईरान युद्ध के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या इजरायल अमेरिका से अलग होकर काम कर रहा है. हालांकि यह साफ संकेत मिल रहा है कि दोनों देश अभी भी रणनीतिक रूप से साथ हैं और ‘गुड कॉप-बैड कॉप’ की भूमिका निभा सकते हैं. हाल के घटनाक्रमों ने यह बहस छेड़ दी है कि क्या इजरायल अमेरिका से अलग चल रहा है या रणनीति का हिस्सा है?

इजरायल ने एक बार फिर ईरान पर हवाई हमला किया है. इजरायल द्वारा ईरान पर लगातार हमले जारी है. इजरायली हमलों से लगातार ईरान में तबाही मची हुई है. ईरान की राजधानी तेहरान इन हमलों से सबसे ज्यादा ग्रसित है, जहां लोग इन हमलों के बीच डर में रहने को मजबूर है. तेहरान के की इलाकों को इस हमले में निशाना बनाया गया.








