
शिवराज सिंह के बेटे ने MP में शुरू किया नया डेयरी ब्रांड 'Samooh', आगे ये हैं प्लान
AajTak
सुंदर डेयरी के संस्थापक और प्रमोटर कार्तिकेय सिंह चौहान ने बताया कि समूह एक उच्च गुणवत्ता वाला डेयरी उत्पाद है, जो लोगों को प्रेरित करेगा. कार्तिकेय ने बताया कि कंपनी ने दूध खरीदने के लिए कई महिला-केंद्रित ग्राम संग्रह केंद्र बनाए हैं, जिन्हें महिला किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के माध्यम से सुगम बनाया जा रहा है.
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय ने अपनी डेयरी फर्म के तहत एक नया डेयरी ब्रांड 'समूह (Samooh)' लॉन्च किया है. लॉन्चिंग के दौरान कंपनी सुंदर फूड्स एंड डेयरी (SUFODA) की तरफ से बताया गया कि उनका लक्ष्य पूरे राज्य में अपनी उपस्थिति का विस्तार करना है. इसे ध्यान में रखते हुए ही इस ब्रांड को दुग्ध दिवस के दिन लॉन्च किया गया.
सुंदर डेयरी के संस्थापक और प्रमोटर कार्तिकेय सिंह चौहान ने बताया कि समूह एक उच्च गुणवत्ता वाला डेयरी उत्पाद है, जो लोगों को प्रेरित करेगा. कार्तिकेय ने बताया कि कंपनी ने दूध खरीदने के लिए कई महिला-केंद्रित ग्राम संग्रह केंद्र बनाए हैं, जिन्हें महिला किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के माध्यम से सुगम बनाया जा रहा है. उत्पादों की डिलीवरी पूरी तरह से महिलाएं ही करती हैं.
दूध के अलावा ये आइटम्स भी बनाती है कंपनी
इस ब्रांड में समूह गोल्ड मिल्क, समूह स्टैंडर्ड मिल्क, समूह टोन्ड मिल्क और समूह टी स्पेशल मिल्क जैसे ताजा दूध के पैक शामिल हैं. इसके साथ ही दही, छाछ और लस्सी जैसे अन्य उत्पाद भी इसमें शामिल हैं. इसके अलावा, यह घी, श्रीखंड, मिठाई और पनीर जैसे प्रोडक्ट भी बनाता है.
महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा
कंपनी के सह-संस्थापक कुणाल सिंह चौहान ने बताया,'हम मध्य प्रदेश में अपने उत्पाद रेंज और वितरक पहुंच का विस्तार कर रहे हैं. जल्द ही, पूरे राज्य में उपभोक्ता 'समूह' से सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले दूध उत्पादों का आनंद ले सकेंगे और महिला सशक्तिकरण के मिशन को आगे बढ़ा सकेंगे'

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.







