
'वो किसान नहीं मुखौटा थे, सरकार का बड़प्पन जो कृषि कानून वापस लिए', आजतक से बोले मनोहर लाल खट्टर
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केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर ने 'पंचायत आजतक' में शंभू बॉर्डर पर किसानों पर फायरिंग की घटना को लेकर कहा कि वह किसानों के नाम पर एक मुखौटा हैं, क्योंकि किसान को खेती कैसे होती और कैसे अच्छी खेती कर आदमनी बढ़ाएं, ये काम होता है.
केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर ने 'पंचायत आजतक' में शंभू बॉर्डर पर किसानों पर फायरिंग की घटना को लेकर कहा कि वह किसानों के नाम पर एक मुखौटा हैं, क्योंकि किसान को खेती कैसे होती और कैसे अच्छी खेती कर आदमनी बढ़ाएं, ये काम होता है. उन्होंने कहा कि किसान तीन कृषि कानून को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, उन्हें प्रधानमंत्री मोदी ने वापस ले लिया ये पीएम मोदी का बड़प्पन है. पीएम ने सोचा कि इतना विरोध है तो कानून वापस ले लिए. उन्होंने कहा कि जब तीनों कृषि कानून वापस ले लिए तो कोई मुद्दा नहीं बचा. लेकिन एक ग्रुप ऐसा है जिसे सरकार के खिलाफ आंदोलन खड़ा करना है. उन्होंने कहा कि हमने हरियाणा में किसानों के लिए कई काम किए, इसलिए हरियाणा का किसान आंदोलन नहीं करता. खट्टर ने कहा कि लाल किले पर 15 अगस्त को झंडा फहराया जाता है, उस पर चढ़ाई करना, लोकतंत्र की व्यवस्था पर खिलवाड़ करने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पिछली बार दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन के दौरान लोगों को परेशानी हुई. हमने एक साल भुगता. देश बड़ा है उसी की चिंता सभी करनी चाहिए. राजकाज बड़ी चीज नहीं है.
इस बार बीजेपी Vs बीजेपी देखने को मिल रहा है, इस पर खट्टर ने कहा कि लोकतंत्र में ऐसी व्यवस्था देखी जाती है कि एक सीट पर कई लोग चुनाव लड़ना चाहते हैं, लेकिन पार्टी का एक सिस्टम है. उसी के आधार पर एक आदमी को टिकट मिलती है. ऐसे में हम बाकी लोगों को मना लेते हैं. क्या कुमारी सैलजा के लिए अभी भी बीजेपी के दरवाजे खुले हैं? इस पर खट्टर ने कहा कि पवन खेड़ा ने तो मुझे ही कह दिया कि जिस दिन से सीएम की कुर्सी गई है तब से इन्होंने कांग्रेस के दरवाजे खटखटाने शुरू कर दिए हैं लेकिन हमारे दरवाजे इनके लिए बंद हैं. खट्टर ने कहा कि मैं पवन खेड़ा से कहूंगा कि उनके जो दरवाजे हैं उसमें इलेक्ट्रोनिक लॉग लगा हुआ है, उस लॉक का पासवर्ड मेरे पास है, जिसे चाहेंगे उसे निकालेंगे और जिसे चाहेंगे उसे वहीं रखेंगे.
खट्टर ने कहा कि मैं 2014 में सीएम बनने के बाद पीएम मोदी के पास गया और कहा कि आपने मुझे सीएम तो बनवा दिया, लेकिन मुझे तो कोई अनुभव नहीं है. तो उन्होंने बड़ी मजेदार बात कही कि आप विधायक बनकर सीएम बने हैं, जिस दिन मैं सीएम बना था तब मैं तो विधायक भी नहीं था, जब मैंने सब सेट कर लिया तो आप भी कर लोगे.

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