
वोट काउंटिंग में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग वाली याचिका खारिज, SC का सुनवाई से इनकार
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चुनाव के दौरान वोटों की गिनती में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया और दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी. याचिकाकर्ता हंसराज जैन ने CJI संजीव खन्ना के सामने दावा किया कि अगर उनको मौका दिया जाए तो वो 48 घंटे में वोटों की गिनती पूरी करके दिखा सकते हैं.
चुनाव के दौरान वोटों की काउंटिंग में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है. याचिकाकर्ता ने कहा कि 12 घंटे में सारे वोटों की गिनती कर दी गई. लिहाजा पारर्दशिता पर सवाल खड़ा होता है. सीजेआई जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि हम इस मुद्दे पर जांच और सुनवाई पहले ही कर चुके हैं. इसलिए हम इस पर दोबारा सुनवाई नहीं करेंगे.
SC का सुनवाई से इनकार
चुनाव के दौरान वोटों की गिनती में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया और दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी. याचिकाकर्ता हंसराज जैन ने कहा था कि EVM-VVPAT को लेकर निर्वाचन आयोग ने हलफनामा दाखिल किया था.
उसमें आयोग ने कहा था कि अगर 100 फीसदी EVM को VVPAT से जोड़ा गया तो वोटों की गिनती में 12 दिन लगेंगे. हंसराज जैन ने CJI संजीव खन्ना के सामने दावा किया कि अगर उनको मौका दिया जाए तो वो 48 घंटे में गिनती पूरी करके दिखा सकते हैं.
48 घंटे में वोटों की गिनती करने का दावा
जैन ने बताया कि इसे लेकर पहले उन्होंने चुनाव आयोग क ज्ञापन भेजा था लेकिन जवाब न मिलने पर दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. दिल्ली हाई कोर्ट ने भी उनकी बात नहीं सुनी. जैन ने दावा किया कि उनको मौका दिया जाए तो वो 48 घंटे में सारी गिनती कर सकते हैं.

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