
विभाग बंटवारे के बाद अब महायुति सरकार में संरक्षक मंत्री बनने की होड़, तीनों दलों के मंत्रियों ने किया दावा
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पुणे जिले के संरक्षक मंत्री का पद सबसे चर्चित पद है. महायुति में एक बार फिर बीजेपी और एनसीपी अजित पवार गुट के बीच जुबानी जंग छिड़ सकती है क्योंकि, इस बात की प्रबल संभावना है कि पुणे के संरक्षक मंत्री पद के लिए दो दिग्गज, उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उच्च तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल एक बार फिर आमने-सामने होंगे.
महाराष्ट्र की महायुति सरकार में शनिवार को विभागों का बंटवारा कर दिया गया. कई वरिष्ठ मंत्री जिन्हें अच्छे विभाग नहीं मिले हैं, वे अपने जिले का संरक्षक मंत्री पद पाने की उम्मीद कर रहे हैं. खासकर बीड, छत्रपति संभाजीनगर, रायगढ़, नासिक, सतारा जिलों का संरक्षक मंत्री पद पाने के लिए संबंधित मंत्रियों के जिलों में होड़ मची हुई है.
बीड और रायगढ़ का हाल
सूत्रों के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ठाणे जिले के संरक्षक मंत्री होंगे जबकि अजित पवार पुणे जिले के संरक्षक मंत्री होंगे. बीड में भाई-बहन धनंजय मुंडे और पंकजा मुंडे मंत्री पद पाने में सफल रहे हैं. इस बात पर सवालिया निशान था कि क्या धनंजय मुंडे को मंत्री पद मिलेगा क्योंकि विपक्ष ने उन पर मासजोग के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या का आरोप लगाया है.
आखिरी वक्त पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने उन पर भरोसा जताया. अब धनंजय मुंडे बीड का संरक्षक मंत्री पद पाने की जिद कर रहे हैं. पंकजा मुंडे भी बीड की संरक्षक मंत्री बनने को इच्छुक हैं. रायगढ़ में भरत गोगावले ने रायगढ़ के संरक्षक मंत्री पद पर दावा किया है और महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे भी एक बार फिर रायगढ़ की संरक्षक मंत्री बनने की इच्छुक हैं.
दुविधा में सीएम और डिप्टी सीएम
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके डिप्टी सीएम के सामने सवाल यह है कि इस दुविधा को कैसे हल किया जाए. छत्रपति संभाजीनगर में संरक्षक मंत्री पद पर शिवसेना शिंदे गुट के मंत्री संजय शिरसाट ने दावा किया है.

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