
विपक्षी ही नहीं बीजेपी के इस बड़े नेता को भी इस साल मिला चुनाव आयोग का नोटिस
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चुनाव आयोग ने इस साल प्रियंका गांधी और अरविंद केजरीवाल को ही नोटिस जारी नहीं किया है बल्कि बीजेपी नेता और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को भी कारण बताओ नोटिस मिला है. उन्हें छत्तीसगढ़ चुनाव प्रचार के समय की गई टिप्पणी पर नोटिस जारी किया गया है.
चुनावों के दौरान विवादित बयान देने वाले नेताओं को चुनाव आयोग कारण बताओ नोटिस जारी करता है. बीजेपी की शिकायत पर दो विपक्षी नेताओं-कांग्रेस की प्रियंका गांधी और AAP के अरविंद केजरीवाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में टिप्पणी करने के लिए नोटिस जारी हुआ. ऐसा नहीं है कि केवल विपक्ष के नेताओं को ही इस साल कारण बताओ नोटिस जारी हुआ हो, बल्कि बीजेपी के भी एक बड़े नेता को विवादित बयानों की वजह से नोटिस मिला है.
अरविंद केजरीवाल
चुनाव आयोग ने 13 नवंबर को आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पीएम मोदी के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया और 16 नवंबर तक चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप का जवाब देने को कहा. आम आदमी पार्टी ने 'एक्स "पर उद्योगपति गौतम अडानी और प्रधानमंत्री मोदी का एक वीडियो पोस्ट किया था. अगले दिन पार्टी ने अडानी और मोदी की एक तस्वीर पोस्ट की और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री उद्योगपति के लिए काम करते हैं, लोगों के लिए नहीं.
प्रियंका गांधी
चुनाव आयोग ने 13 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में कथित रूप से असत्यापित और झूठे बयान देने के लिए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया. उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भेल को अपने उद्योगपति दोस्तों को दे दिया. इस बयान पर बीजेपी की शिकायत के बाद आयोग ने प्रियंका गांधी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा. इससे पहले अक्टूबर में, चुनाव आयोग ने निर्धारित विधानसभा चुनावों से पहले राजस्थान में मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए प्रियंका गांधी को नोटिस जारी किया था.
प्रियंका गांधी और आम आदमी पार्टी को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, पीएम मोदी के खिलाफ बयान देने का है मामला

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