
लाहौर की बादशाही मस्जिद में भगोड़े जाकिर नाइक ने लश्कर कमांडर मुझम्मिल हाश्मी से की मुलाकात
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भगोड़ा इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक ने हाल ही में पाकिस्तान की यात्रा के दौरान लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर मुझम्मिल इकबाल हाश्मी और अन्य LeT सदस्यों के साथ मुलाकात की. नाइक को भारत में नफरत फैलाने और चरमपंथ को भड़काने के आरोप में वांटेड घोषित किया गया है.
भगोड़ा इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक ने हाल ही में पाकिस्तान की यात्रा के दौरान लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर मुझम्मिल इकबाल हाश्मी और अन्य LeT सदस्यों के साथ मुलाकात की. नाइक को भारत में नफरत फैलाने और चरमपंथ को भड़काने के आरोप में वांटेड घोषित किया गया है. नाइक,जब 30 सितंबर को पाकिस्तान पहुंचा था, तब लाहौर में आतंकवादी संगठन के सदस्यों द्वारा उसका गर्मजोशी से स्वागत किया गया था.
इंडिया टुडे द्वारा जारी एक वीडियो में देखा गया है कि जाकिर नाइक मुझम्मिल इकबाल हाश्मी और LeT के सदस्यों मोहम्मद हैरिस दार और फैसल नदीम के साथ लाहौर की ऐतिहासिक बादशाही मस्जिद में गले मिल रहा है. नाइक ने मस्जिद में 150,000 से अधिक लोगों की एक विशाल सभा को संबोधित करने के लिए यह यात्रा की थी, जिसके लिए लाहौर पुलिस द्वारा विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.
पाकिस्तान में नाइक की मौजूदगी, खास तौर पर लश्कर-ए-तैयबा जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़ी उसकी सहभागिता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ा रही है. यह समूह कई आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार है, जिनमें 2008 का मुंबई हमला भी शामिल है. बादशाही मस्जिद में नाइक की सभा के अलावा, LeT के सदस्यों ने, जिनमें फैसल नदीम और मुझम्मिल हाश्मी शामिल हैं, नाइक की यात्रा को बढ़ावा देने के लिए एक आक्रामक ऑनलाइन अभियान भी चलाया. इस अभियान का उद्देश्य कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना था.
जाकिर नाइक का स्वागत करने वालों में मोहम्मद हैरिस दार भी शामिल था, जो पाकिस्तान के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अरशद नदीम से मुलाकात के कारण इस वर्ष चर्चा में रहा था. उसकी और जावेलिन थ्रोअर के बीच की मुलाकात का वीडियो अगस्त में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. जाकिर नाइक 2016 से भगोड़ा घोषित है, जब भारतीय अधिकारियों ने उन पर चरमपंथी विचारधाराओं को फैलाने और अपने भाषणों तथा पीस टीवी नेटवर्क के माध्यम से आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.
अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद, नाइक को मलेशिया और अब पाकिस्तान में समर्थन और आश्रय मिल रहा है. उसकी गतिविधियों ने न केवल भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता पैदा की है, बल्कि वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के प्रति संजीदगी को भी एक नया मोड़ दिया है.
Report: सत्येंद्र कनौजिया

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