
रॉड से सिर पर वार, फिर रेता गला... वाराणसी में उर्दू टीचर का मर्डर, दीवारों तक फैले खून के छींटे, पत्नी रुबीना ने कुबूला जुर्म
AajTak
UP Crime News: वाराणसी की बादशाह बाग कॉलोनी में घरेलू हिंसा का एक खौफनाक अंत हुआ है. फरोग-ए-उर्दू मदरसा के टीचर दानिश रजा को उनकी पत्नी रुबीना ने रॉड और चाकू से हमला कर मौत के घाट उतार दिया.
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पत्नी ने उर्दू शिक्षक पति को मौत के घाट उतार दिया. पत्नी ने पहले रॉड से हमला किया और फिर बेरहमी से पति का गला रेत दिया. फिलहाल पुलिस ने मृतक की बहन की शिकायत पर आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
वाराणसी के सिगरा थाना इलाके का यह मामला है. यहां बादशाह बाग कॉलोनी में फरोग-ए-उर्दू मदरसा के शिक्षक दानिश रजा (40) पास में ही मकान में सपरिवार रहते थे.
ग्राउंड फ्लोर पर पत्नी और बच्चों के साथ वे रहते थे. ऊपरी मंजिल पर उनके माता-पिता और दो बहनें भी रहती थीं. सुबह के वक्त इलाके के लोगों ने पुलिस को दानिश के साथ किसी अनहोनी की सूचना दी. जिस पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे में जाकर देखा तो फोल्डिंग चारपाई पर दानिश का शव पड़ा मिला.
शव के सिर, गले, चेहरे और सीने पर गहरे जख्म के निशान थे और चारों तरफ खून फैला हुआ था. दीवारों पर भी खून के छींटे थे. जिस पर पुलिस ने फोरेंसिक टीम की मदद से जांच शुरू की. पहले तो परिजनों ने घटना के पीछे कुछ नहीं बताया, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती की तो दानिश रजा की पत्नी रुबीना टूट गई और हत्या की बात कबूल कर ली.
उसने बताया कि दानिश उसे काफी प्रताड़ित करता था और आए दिन पिटाई भी करता था. एक दिन पहले भी काफी पिटाई की थी. जिस पर उसने पति की हत्या करने की ठान ली थी और सोते समय सबसे पहले रॉड से सिर पर प्रहार किया, फिर चाकू से गले और चेहरे समेत शरीर के कई हिस्सों पर वार करके उसे मौत के घाट उतार दिया.
मालूम हो कि मृतक दानिश अपने चार बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटा था. उसके बड़े भाई छत्तीसगढ़ में डॉक्टर हैं और अपने परिवार के साथ वहीं रहते हैं. जबकि दानिश रजा की एक बेटी 8 साल की और एक बेटा 5 साल का है.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







