
राहुल गांधी के भाषण पर संसद में अखिलेश यादव का पलटवार इंडिया गुट पर स्टेटस अपडेट है
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दिल्ली विधानसभा चुनाव में INDIA ब्लॉक का जो नजारा दिखा है, लोकसभा में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के स्टैंड में उसी का एक्सटेंशन देखने को मिला है - क्योंकि अखिलेश यादव के निशाने पर बीजेपी के होते हुए भी निगाहें राहुल गांधी पर ही टिकी लगती हैं.
दिल्ली विधानसभा चुनाव और मिल्कीपुर उपचुनाव में मुख्य मुकाबला अलग अलग राजनीतिक दलों में है, लेकिन एक कड़ी ऐसी भी है जो सीधे INDIA ब्लॉक से जोड़ देती है.
मुख्य मुकाबले में बीजेपी कॉमन किरदार है. मिल्कीपुर में समाजवादी पार्टी, और दिल्ली में बीजेपी से आम आदमी पार्टी लड़ रही है - और देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी विरोधाभासी भूमिकाएं निभा रही है.
मिल्कीपुर उपचुनाव में कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी का सपोर्ट किया है, जबकि दिल्ली चुनाव में समाजवादी पार्टी कांग्रेस के खिलाफ जाकर आम आदमी पार्टी का सपोर्ट किया है - और यही वजह है कि कुछ राजनीतिक विशेषज्ञ 8 फरवरी के बाद इंडिया ब्लॉक का अस्तित्व ही खत्म मानकर चल रहे हैं.
राहुल गांधी ने लोकसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा के दौरान जिस तरह इंडिया ब्लॉक का जिक्रकर एक मैसेज देने की कोशिश की, अखिलेश यादव ने तो लगता है हंसी मजाक में कांग्रेस नेता के प्रयासों पर पानी ही फेर दिया है.
नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राहुल गांधी ने संसद में ऐसा मुद्दा उठाने की कोशिश की, जो पूरे विपक्ष के लिए महत्वपूर्ण हो. राहुल गांधी ने हरियाणा और महाराष्ट्र चुनावों में गड़बड़ी और एलेक्टोरल रोल का मुद्दा उठाया है. संसद के शीतकालीन सत्र के काफी दिनों बाद राहुल गांधी के मुंह से इंडिया ब्लॉक का जिक्र सुनने को मिला. संसद में अमित शाह के बयान को लेकर आंबेडकर के मुद्दे पर विपक्ष को आखिरी बार कुछ हद तक एकजुट देखा गया था, लेकिन दिल्ली चुनाव में इंडिया ब्लॉक कांग्रेस और केजरीवाल दो हिस्सों में बंट गया, क्योंकि अखिलेश यादव और ममता बनर्जी ने अरविंद केजरीवाल का सपोर्ट कर दिया है, जिसका मतलब तो राहुल गांधी का सीधा सीधा विरोध ही होता है.
अखिलेश यादव ने संसद में राहुल गांधी की तरफ से ही उठाये गये मुद्दों पर चुन चुन कर ऐसी बातें बोली हैं, जो राहुल गांधी को आसानी से तो हजम होने से रहा.

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