
राहुल गांधी की सांसदी गई... क्या 2024 लोकसभा चुनाव में प्रियंका को प्रोजेक्ट करेगी कांग्रेस?
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राहुल गांधी को मानहानि के जिस मामले में दोषी ठहराया गया है, वो चार साल पुराना है. 13 अप्रैल 2019 को राहुल गांधी ने 'सारे चोर मोदी ही क्यों?' वाला बयान दिया था. ये बयान उन्होंने कर्नाटक में एक चुनावी रैली में दिया था. इस पर बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने उनके खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था. इसी मामले में सूरत की कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई है.
मानहानि मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद राहुल गांधी की सांसदी भी चली गई है. लोकसभा सचिवालय ने राहुल की सदस्यता खत्म करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. सचिवालय ने ये भी बताया कि ये फैसला 23 मार्च से ही लागू होगा. यानी, जिस दिन सूरत की अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया, उसी दिन से वो अपनी सांसदी गंवा चुके हैं. ऐसे में अब सवाल ये उठता है कि क्या कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी को प्रोजेक्ट करेगी?
राहुल गांधी को मानहानि के जिस मामले में दोषी ठहराया गया है, वो चार साल पुराना है. 13 अप्रैल 2019 को राहुल गांधी ने 'सारे चोर मोदी ही क्यों?' वाला बयान दिया था. ये बयान उन्होंने कर्नाटक में एक चुनावी रैली में दिया था. इस पर बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने उनके खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था. इसी मामले में सूरत की कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई है.
नियम कहता है कि अगर किसी आपराधिक मामले में किसी नेता को दो साल या उससे ज्यादा की सजा होती है तो उसकी सदस्यता चली जाती है.
बहरहाल, राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म होने पर सियासत भी शुरू हो गई है. कांग्रेस और तमाम विपक्षी दलों ने इसकी आलोचना की है तो बीजेपी ने इसे सही ठहराया है. इस पूरे मामले के बाद कई सारे सवाल हैं, जिनके जवाब जानना जरूरी है.
1. अयोग्य घोषित करने में जल्दबाजी की गई या यही प्रोसेस है?
- प्रोसेस तो यही है. नियम कहता है कि अगर किसी सांसद या विधायक को दो साल या उससे ज्यादा की सजा होती है तो तुरंत उसकी सदस्यता चली जाती है. संविधान विशेषज्ञ विश्वजीत भट्टाचार्य ने बताया कि सूरत की अदालत ने दो साल की सजा सुनाकर 30 दिन का वक्त देते हुए सजा स्थगित की थी ना कि दोषसिद्धि पर रोक लगाई थी.

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