
राहगीरों को आपत्तिजनक इशारे कर रहे थे ट्रांसजेंडर, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर 21 को किया अरेस्ट
AajTak
महाराष्ट्र के नवी मुंबई (Navi Mumbai) में सार्वजनिक स्थान पर ट्रांसजेंडर (transgenders) राहगीरों को आपत्तिजनक इशारे कर रहे थे. इसी के साथ उपद्रव मचा रहे थे. इस मामले की शिकायत लोगों ने पुलिस से की. शिकायत मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और 21 ट्रांसजेंडरों को गिरफ्तार कर लिया.
महाराष्ट्र के नवी मुंबई (Maharashtra Navi Mumbai) में पुलिस ने 21 ट्रांसजेंडरों (transgenders) को गिरफ्तार कर लिया. दरअसल, इन ट्रांसजेंडरों पर आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव किया. इसी के साथ आने-जाने वालों को गलत तरीके से इशारे किए और लोगों को परेशान किया. इस मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीमों ने एक्शन लिया है.
एजेंसी के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई को नवी मुंबई (Navi Mumbai) पुलिस के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल (एएचटीसी) ने अंजाम दिया. दरअसल, पुलिस को स्थानीय निवासियों और अन्य लोगों से शिकायत मिली थी कि ट्रांसजेंडर राहगीरों को परेशान करते हैं, आपत्तिजनक इशारे करते हैं. इसी के साथ नवी मुंबई के विभिन्न इलाकों में उपद्रव करते हैं, शांति भंग करते हैं.
यह भी पढ़ें: रेलवे स्टेशन, जबरन वसूली और ट्रांसजेंडर के कत्ल की कोशिश... ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़े दो हमलावर
इस मामले की शिकायत मिलने के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल ने तीन टीमें बनाईं और 30 जुलाई को उरण फाटा, जुईनगर और एपीएमसी ट्रक टर्मिनल सहित विभिन्न स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की. इस दौरान पुलिस ने कई ट्रांसजेंडरों को पकड़ा.
इस पूरे मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि जुईनगर से 12, एपीएमसी ट्रक टर्मिनल से छह और उरण फाटा से तीन ट्रांसजेंडरों को अरेस्ट किया गया है. उनके खिलाफ सीबीडी, नेरुल और एपीएमसी पुलिस थानों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296 (अश्लील कृत्य या गीत) के तहत केस दर्ज किया गया है.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








