
राजस्थान : बेटी पैदा होने से नाराज ससुराल वालों ने की बेरहमी से पिटाई, हुई महिला की मौत
AajTak
राजस्थान में ससुराल वालों की पिटाई से महिला को मौत हो गई. कारण भी बहुत हैरान करने वाला है. दरअसल, महिला ने दो बच्चों को जन्म दिया और दोनों ही बेटियां थीं. इसके पति सहित सास और ससुर महिला के साथ अत्याचार करने लगे. साथ ही महिला के साथ मारपीट करते थे. पुलिस ने केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है.
राजस्थान के राजसमंद में दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. दहेज के लिए और बेटी पैदा होने नाराज होकर पति और सास-ससुर ने महिला को इतना मारा-पीटा कि महिला की जान ही चली गई. इसके बाद महिला के परिजनों ने थाने में ससुराल वालों को खिलाफ केस दर्ज करवाया है. मामला भीम थाना क्षेत्र का है.
जानकारी के मुताबिक, साल 2013 में चित्तौड़ के बेगूं के रहने वाले राजेंद्र सिंह की बेटी स्वराज कंवर का विवाह भीम के रहने वाले जितेंद्र सिंह भल्ला से हुआ था. शादी के बाद कुछ दिनों तक सब कुछ ठीक चल रहा था. फिर स्वराज कंवर को जितेंद्र से दो बेटियां हुईं.
इस कारण से पति, सास और ससुर स्वराज को परेशान करने लगे. साथ ही दहेज के लिए भी परेशान करने लगे. ऐसा करीब चार महीने तक चलता रहा. इस दौरान स्वराज के साथ पति जितेंद्र मारपीट की भी करने लगा.
पिता बेटियों को नहीं देता था खाना
महिला के परिजनों का आरोप है कि जितेंद्र बार-बार दूसरी शादी करने का धमकी देता और दहेज की मांग करता रहता था. इस सबसे स्वराज बीमार रहने लगी थी. एक दिन जितेंद्र ने दोनों बेटियों को खाना तक नहीं दिया.
सास ने कुकर से पीटा

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








