
'यूक्रेन सिर्फ बहाना, चीन तो...', भारत पर टैरिफ को लेकर अब अमेरिकी संसदीय कमेटी ने ही ट्रंप से पूछे चुभने वाले सवाल
AajTak
अमेरिका की हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी में इस बात पर जोर दिया गया है कि चीन को अभी तक इसी तरह की सजा से मुक्त क्यों रखा गया है. जो रूसी तेल का सबसे बड़ा आयातक है और डिस्काउंट पर तेल खरीद रहा है. यह ट्वीट ट्रंप की असमान नीति को उजागर करता है और सुझाव देता है कि ट्रंप प्रशासन की रणनीति में भेदभाव है.
अमेरिकी फॉरेन पॉलिसी को आकार देने में अहम भूमिका निभाने वाली हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी ने अपने ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति की तीखी आलोचना की है. हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी ने कहा है कि ट्रंप भारत पर टैरिफ लगाकर उसे निशाना बना रहे हैं, जिससे अमेरिकियों को नुकसान पहुंच रहा है और इस प्रक्रिया में अमेरिका-भारत संबंधों को नुकसान पहुंच रहा है.
अमेरिका की हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी भारत की ससंदीय समितियों की तरह है. ये अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की एक स्थायी समिति है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका की विदेश नीति से संबंधित बिलों और जांचों की देखरेख करती है.
इस कमेटी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को कठघरे में खड़ा किया है, खासकर ट्रंप की भारत पर हैवी टैरिफ लगाने की नीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.
इस कमेटी ने कहा है कि चीन या अन्य देशों द्वारा रूसी तेल की बड़ी मात्रा में खरीद पर प्रतिबंध लगाने के बजाय ट्रंप भारत पर टैरिफ लगाकर उसे निशाना बना रहे हैं, जिससे अमेरिकियों को नुकसान पहुंच रहा है और इस प्रक्रिया में अमेरिका-भारत संबंधों को नुकसान पहुच रहा है.
कमेटी का मानना है कि ऐसा लग रहा है कि ट्रंप की ये सारी कोशिश यूक्रेन के बारे में है ही नहीं.
Instead of imposing sanctions on China or others purchasing larger amounts of Russian oil, Trump's singling out India with tariffs, hurting Americans & sabotaging the US-India relationship in the process. It's almost like it's not about Ukraine at all.https://t.co/u1pt3iAVC2 pic.twitter.com/lQNAYXTYkC

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में हाल में एक संघीय अधिकारी की गोली से नर्स एलेक्स जेफ्री प्रेटी की मौत हो गई थी. जिसके बाद से अमेरिका में पुलिस और फेडरल एजेंसियों की कार्रवाई, विरोध-प्रदर्शनों में जाने वालों और आम नागरिकों की जान की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच वॉशिंगटन में प्रेटी की याद में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. देखें अमेरिका से जुड़ी 10 बड़ी खबरें.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.








