
यूक्रेन में भारतीय हथियार पहुंचने से रूस हुआ नाराज? मोदी सरकार ने दिया जवाब
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हाल ही में कई रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि भारत ने स्लोवेनिया या पोलैंड के माध्यम से अपने आर्टिलरी हथियारों को यूक्रेन भेजा था. सूत्रों के मुताबिक, भारत से यह हथियार यूक्रेन ने नहीं बल्कि किसी तीसरे देश ने खरीदे थे. भारत सरकार ने इस पर प्रतिक्रिया दी है.
भारत सरकार ने उन रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें यह दावा किया गया था कि भारत ने यूरोप के माध्यम से यूक्रेन को हथियार सप्लाई किए थे. हाल ही में रूसी सरकार से जुड़े कुछ समाचार पत्रों और सोशल मीडिया में यह दावा किया गया था कि यूक्रेन रूस के खिलाफ जिस आर्टिलरी (गोला-बारूद) का इस्तेमाल कर रहा है, उसे भारत ने निर्यात किया है.
गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश मंत्रालय ने उन रिपोर्ट्स का खंडन करते हुए कहा है कि हम स्पष्ट रूप से कह सकते हैं कि हमने कोई भी हथियार या गोला-बारूद यूक्रेन को सप्लाई नहीं किया है.
अंग्रेजी अखबार ईटी के मुताबिक, रूस ने भारत के सामने यह मुद्दा तब उठाया है जब हाल ही में कई रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि भारत, यूक्रेन को 155 मिमी आर्टिलरी शेल्स सप्लाई कर सकता है. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि भारत हथियार डीलरों के माध्यम से या किसी भागीदार देश की सहायता से यूक्रेन को हथियार सप्लाई करने की संभावना को तलाश रहा है.
यूरोपीय देशों के रास्ते भारत का हथियार पहुंचा यूक्रेनः रिपोर्ट
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि चूंकि, यूक्रेन को गोला-बारूद की सप्लाई करने वाले देशों में भारत शामिल नहीं है. ऐसे में भारत ने स्लोवेनिया या पोलैंड के माध्यम से अपने हथियारों को यूक्रेन भेजा था. सूत्रों के मुताबिक, भारत से यह हथियार यूक्रेन ने नहीं बल्कि किसी तीसरे देश ने खरीदे थे.
रिपोर्ट में कहा गया था कि इसकी पूरी संभावना है कि एक पश्चिमी देश ने भारत से 155 मिमी आर्टिलरी के गोले खरीदे और इसे यूरोपीय देश के रास्ते यूक्रेन को सप्लाई किया. जिस देश ने भारत से यह हथियार खरीदा है, वह नाटो का सदस्य भी है.

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