
'यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइलें देंगे', ट्रंप के बयान से महाविनाश का खतरा, देखें
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मिस्र के शर्म अल शेख में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा शांति समझौते की अगुवाई की, लेकिन साथ ही यूक्रेन युद्ध को लेकर एक भड़काऊ बयान भी दिया. इस दोहरे रवैये पर पूरी दुनिया में चर्चा है. ट्रंप ने अपने मध्य पूर्व दौरे से पहले कहा, 'अब वो यूक्रेन को टॉम हॉक मिसाइलें देने जा रहे हैं जो की रूस पर दागी जायेंगे'. एक तरफ जहां ट्रंप ने मिस्र, तुर्की और कतर की मौजूदगी में गाजा शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए और इसे 3000 साल पुराने विवाद का हल बताया, वहीं दूसरी ओर रूस-यूक्रेन जंग में महाविनाशक टॉमहॉक मिसाइलों की आपूर्ति की घोषणा कर दी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

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वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?










