
मैनपुरी: लड़की ने घरवालों के खिलाफ जाकर की लव मैरिज, भाई और चाचा ने कर दी हत्या
AajTak
मैनपुरी में लव मैरिज करने के चलते लड़की के भाई और चाचा ने कुछ लोगों के साथ मिलकर लड़की और उसके पति पर गोली चला दी. बीच बचाव करने आए लड़की के ससुराल वालों को भी तमचते से हमला करके घायल कर दिया. लड़की की गोली लगने से मौके पर मौत हो गई. जबकि उसका पति, सास और देवर घायल हो गए हैं.
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में हॉरर किलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां शहर कोतवाली क्षेत्र में लव मैरिज से नाराज लड़की पक्ष के लोगों ने घर में घुसकर नवविवाहित दंपत्ति को गोली मार दी. घटना में जहां दुल्हन की मौके पर ही मौत हो गई, तो वहीं दूल्हे के अलावा दो अन्य परिजन घायल हुए हैं. घायलों को मैनपुरी जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ सीओ सिटी अमर बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया. उन्होंने फरार हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित कर दी हैं. मामला पुरोहिताना मोहल्ला का है. यहां रहने वाले प्रेमपाल गोस्वामी के बेटे करण ने फर्रुखाबाद के कायमगंज की रहने वाली कोमल के साथ 20 अप्रैल को शादी की थी.
कोमल और करन का प्रेम प्रसंग बीते एक साल से चल रहा था. दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे. करन के घर वाले तो इस शादी के लिए राजी थे. लेकिन इस कोमल के परिजन इस रिश्ते का विरोध कर रहे थे. फिर भी कोमल की मां ने अपनी बेटी की शादी करवा दी.
कोमल अपने ससुराल पुरोहिताना मोहल्ला में रह रही थी. लेकिन अचानक से मंगलवार को कोमल के भाई और चाचा कुछ लोगों के साथ कोमल के ससुराल आ धमके. उन्होंने घर में घुसते ही कोमल और करन को गोली मार दी. जब करन के घर वाले बीच बचाव करने आए तो आरोपियों ने तमंचे से हमला करके उन्हें भी घायल कर दिया. फिर मौके से फरार हो गए.
घटना में जहां कोमल की मौके पर ही मौत हो गई तो वही पति करन, उसकी मां पिंकी और भाई रॉकी घायल हो गए. घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. तो वहीं, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों रसोइया और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर तूता मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. रसोइया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जो उनके परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है. ठंड के बावजूद वे 22 दिनों से धरना दे रहे हैं पर शासन के कोई प्रतिनिधि उनसे अब तक नहीं मिले हैं.






