
'मैं मोदी का फैन हूं...', एलन मस्क ने न्यूयॉर्क में PM मोदी से की मुलाकात
AajTak
लॉटे न्यूयॉर्क पैलेस होटल में ठहरे पीएम मोदी से मुलाकात के बाद एलन मस्क ने भारत आने की इच्छा जताई. उन्होंने कहा कि वह अगले साल भारत दौरे पर आएंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर हैं. मंगलवार को न्यूयॉर्क पहुंचे पीएम मोदी अगले कुछ दिनों के दौरान कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे. इनमें संयुक्त राष्ट्र में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम भी शामिल है. इस बीच ट्विटर के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) ने पीएम मोदी से मुलाकात की.
एलन मस्क ने लोटे न्यूयॉर्क पैलेस होटल में ठहरे पीएम मोदी से मुलाकात के बाद भारत आने की इच्छा जताई. उन्होंने कहा कि वह अगले साल भारत दौरे पर आएंगे.
एलन मस्क ने खुद को मोदी का प्रशंसक बताते हुए कहा कि मैं भारत के भविष्य को लेकर बहुत उत्साहित हूं. मुझे लगता है कि भारत में दुनिया के किस अन्य देश के मुकाबले अधिक संभावनाएं हैं. मैं कह सकता हूं कि पीएम मोदी भारत के लिए सही चीजें करना चाहते हैं. उनका नजरिया नई कंपनियों को लेकर बहुत उदारवादी है. वह अपने देश में नई कंपनियों का दिल खोलकर स्वागत करना चाहते हैं. मैं मोदी का फैन हूं.
मस्क ने पीएम मोदी से मुलाकात के बारे में बताते हुए कहा कि यह बातचीत बेहतरीन रही.बहुत बढ़िया बातचीत थी. मैं अगले साल भारत आने की योजना बना रहा हूं.
भारत में निवेश
पीएम मोदी से मुलाकात के बारे में पूछने पर मस्क ने कहा कि मोदी को अपने देश की बहुत परवाह है. इसलिए वे भारत में निवेश को लेकर बहुत एक्टिव रहते हैं. हम भी भारत में निवेश की संभावनाएं तलाश रहे हैं. हम बस सही समय की तलाश कर रहे हैं.

अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट दी, लेकिन ईरान ने एक्स्ट्रा तेल होने से इनकार कर दिया. दोनों के दावों से वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. दुनियाभर के मुल्क ये उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अमेरिकी की ओर से छूट मिलने के बाद ईरान का तेल उन्हें मिलेगा. लेकिन, ईरान के बयान से सभी को बड़ा झटका लगा है.

ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिकी और ब्रिटिश संयुक्त सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर हमला किया है. मध्यपूर्व की सीमाओं से दूर किसी अमेरिकी ठिकाने पर ये ईरान का अबतक का सबसे बड़ा हमला है. वहीं ईरान ने ब्रिटेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ब्रिटेन अमेरिका को ब्रिटिश सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने देता है तो इसे सीधे आक्रामक कार्रवाई में भागीदार माना जाएगा.

ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिकी और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर मिसाइल हमला किया है. मध्यपूर्व की सीमाओं से दूर किसी अमेरिकी ठिकाने पर ये ईरान काअबक का सबसे बजड़ा हमला है. डिएगो गारर्सिया बोहद रणनीतिक सैन्य अड्डा है. B-52 बॉम्बर विमान, लंबी दूरी के हमले के हथियार इस बेस पर मौजूद है.

ईरान युद्ध के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या इजरायल अमेरिका से अलग होकर काम कर रहा है. हालांकि यह साफ संकेत मिल रहा है कि दोनों देश अभी भी रणनीतिक रूप से साथ हैं और ‘गुड कॉप-बैड कॉप’ की भूमिका निभा सकते हैं. हाल के घटनाक्रमों ने यह बहस छेड़ दी है कि क्या इजरायल अमेरिका से अलग चल रहा है या रणनीति का हिस्सा है?

इजरायल ने एक बार फिर ईरान पर हवाई हमला किया है. इजरायल द्वारा ईरान पर लगातार हमले जारी है. इजरायली हमलों से लगातार ईरान में तबाही मची हुई है. ईरान की राजधानी तेहरान इन हमलों से सबसे ज्यादा ग्रसित है, जहां लोग इन हमलों के बीच डर में रहने को मजबूर है. तेहरान के की इलाकों को इस हमले में निशाना बनाया गया.








