
मेहमानों को उतारेंगे, फिर 1000KM दूर खड़े होंगे प्लेन... 22 जनवरी को अयोध्या एयरपोर्ट पर ऐसी तैयारी
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राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन अयोध्या में वीवीआईपी विमानों से लेकर चार्टड प्लेन तक के लैंड करने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी विमानों के काफिले से यहां पहुंचेंगे. ऐसे में अन्य विमानों के लिए पार्किंग की सुविधा अयोध्या से 1000 किलोमीटर के दायरे में की गई है. प्रधानमंत्री मोदी की अयोध्या से रवानगी के बाद बाकी लोग वापसी के लिए उड़ान भर सकेंगे.
राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन 22 जनवरी को अयोध्या में विमानों के लिए पार्किंग की समस्या पैदा हो रही है. खासकर चार्टेड प्लेन से यात्रा करने वाले और वीवीआईपी लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बता चुके हैं कि सेलिब्रेशन के मौके पर अयोध्या में कम से कम 100 चार्टेड प्लेन उतरने वाले हैं. हाल ही में उद्घाटन किए गए महर्षि वाल्मिकी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अयोध्याधाम एयरपोर्ट को ऐसे 40 रिक्वेस्ट आए हैं, जिसके लिए एक ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है.
महर्षि वाल्मिकी एयरपोर्ट पर आठ एप्रन हैं जो 200 सीटों वाले विमान तक के पार्किंग के लिए लिए सक्षम हैं. अनुमान है कि इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले की चार विमान पार्क होंगी. एक बार इंडिया वन के उतरने के बाद, अयोध्या हवाई अड्डे पर कोई अन्य विमान नहीं होगा. हालांकि, वीवीआईपी लोगों के कुछ विमान को यहां पार्किंग की सुविधा दी जा सकती है.
22 जनवरी के लिए ब्लू प्रिंट तैयार, 'ड्रॉप-एंड-मूव' नीति पर होगा काम
विमानों की पार्किंग के लिए 'ड्रॉप-एंड-मूव' नीति बनाई गई है. मसलन, चार्टड प्लेन या अन्य विमान लोगों को ड्रॉप कर दूसरे किसी एयरपोर्ट पर पार्क की जाएंगी. 22 जनवरी को अयोध्या में एयर ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने पड़ोस के राज्यों में एयरपोर्ट पर विमानों की पार्किंग की सुविधा की है. मसलन, अयोध्या में विमानों को लैंडिंग और टेकऑफ के लिए लिमिटेड समय दिया जाएगा.
प्रधानमंत्री मोदी की अयोध्या में मौजूदगी के बीच कोई भी विमान संबंधित एयरपोर्ट पर लैंड या टेकऑफ नहीं करेगा. प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम के बाद जब प्रधानमंत्री अयोध्या से रवाना हो जाएंगे, उसके बाद वीवीआईपी या अन्य लोग संबंधित एयरपोर्ट से उड़ान भर सकेंगे. ऐसा अयोध्या में सीमित पार्किंग सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है.
विमानों की पार्किंग के लिए 1000 किलोमीटर के दायरे में व्यवस्था

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