
'मेरे से ट्यूशन ले लो, 40 साल से ज्यादा विपक्ष में...', राज्यसभा में क्यों भड़के नड्डा
AajTak
राज्यसभा में मंगलवार को हंगामे के बीच नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष को ट्यूशन ऑफर कर दिया. उन्होंने कहा कि 40 साल से ज्यादा विपक्ष में रहा हूं, मेरे से ट्यूशन ले लो.
राज्यसभा में मंगलवार को जोरदार हंगामा हुआ. इस दौरान आसन और विपक्ष के नेता के साथ ही पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी तकरार भी देखने को मिली. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता रहे अरुण जेटली को कोट कर डिसरप्शन को विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार बताया.
वहीं, नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष को ट्यूशन लेने की नसीहत दे दी. हंगामे के बाद उच्च सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी. नेता सदन जेपी नड्डा ने आज का दिन बहुत ही ऐतिहासिक दिन है. क्योंकि संसद में आपने (चेयर से हरिवंश ने) जो दो ऑब्जर्वेशन दिए हैं, वे सदा-सदा के लिए अंकित रहेंगे और रेफरेंस पॉइंट बनेंगे आगे भी राज्यसभा चलाने के लिए.
उन्होंने उपसभापति हरिवंश को संबोधित करते हुए कहा कि आपने आज रूलिंग के माध्यम से दूध का दूध और पानी का पानी किया. जेपी नड्डा बोल ही रहे थे कि विपक्षी सदस्यों ने हंगामा तेज कर दिया. इस पर भड़के नेता सदन ने नसीहत देते हुए कहा कि जब सच्चाई सुनने की ताकत नहीं होती, तो यही शब्द निकलते हैं.
यह भी पढ़ें: 'राज्यसभा में पक्ष-विपक्ष की जोरदार तकरार, विपक्ष के नेता खड़गे का वार, भड़के नड्डा
जेपी नड्डा ने उपसभापति को संबोधित करते हुए कहा कि आपने यह स्पष्ट किया कि प्रॉसीडिंग को डिस्टर्ब करना अलोकतांत्रिक और नियमों के खिलाफ है. आपने उन घटनाओं का भी उल्लेख किया, जो बाधित करने वाली थीं. जेपी नड्डा ने कहा कि मेरे बगल में खड़े होकर कोई नारा लगाएगा, ये लोकतांत्रिक नहीं है.
यह भी पढ़ें: 'विपक्ष अपने पैर पर पत्थर मारने में माहिर', ऑपरेशन सिंदूर को लेकर PM मोदी ने साधा निशाना

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?

दिल्ली सरकार के बजट को लेकर मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए बड़े आवंटन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया कि इस बार बजट में सबसे अधिक राशि शिक्षा के लिए निर्धारित की गई है, जो 19,000 करोड़ से ज्यादा है. इसके तहत स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी और ICT लैब्स के विकास के लिए भी करोड़ों रुपये का प्रावधान किया गया है. हालांकि मंत्री ने यह भी कहा कि ये आंकड़े केजरीवाल गवर्नेंस मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं और इससे कई सवाल खड़े होते हैं.

रैसी जिले के महोर क्षेत्र में रामाकुंडा मोड़ के पास एक प्राइवेट कार सड़क से फिसलकर खाई में गिर गई. हादसे में हकनवाज (22), उनकी बहन शहरीजा राहि (18) और उनके चचेरे भाई रफ़ाकत हुसैन (15) की मौत हो गई. पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका महोर अस्पताल में इलाज चल रहा है. ड्राइवर ने अंधे मोड़ पर नियंत्रण खो दिया था.

Harish Rana Dies: हरीश राणा को मिल गई 'इच्छामृत्यु', एम्स में 10 दिन भर्ती रहने के बाद ली आखिरी सांस
Harish Rana News: भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति हरीश राणा का AIIMS में निधन हो गया. वे साल 2013 से कोमा में थे. सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिसके बाद अस्पताल में उनके लाइफ सपोर्ट को स्टेप वाइज हटाया गया. डॉक्टर सीमा मिश्रा की अगुवाई में विशेषज्ञ टीम ने पूरी प्रक्रिया पूरी की.

अहमदाबाद के लालदरवाजा इलाके में SDPI (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस की मंजूरी नहीं होने के कारण प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया. इस दौरान SDPI कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्का टकराव भी देखने को मिला. SDPI नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधानसभा में बहुमत के बल पर UCC बिल को मनमाने तरीके से पारित किया है और इसे मुस्लिम विरोधी बताया. मौके पर सुरक्षा बढ़ाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया.







