
मुरादाबाद से बीजेपी कैंडिडेट कुंवर सर्वेश सिंह का निधन, सीट पर कल हुआ था मतदान
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भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी कुंवर सर्वेश सिंह का निधन हो गया है. बता दें कि इस सीट पर 19 अप्रैल यानी शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के पहले चरण के तहत वोटिंग हुई थी.
भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी कुंवर सर्वेश सिंह का निधन हो गया है. बता दें कि इस सीट पर 19 अप्रैल यानी शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के पहले चरण के तहत वोटिंग हुई थी. कुंवर सर्वेश को बीजेपी की ओर से जब टिकट मिला था, वह तभी से अस्पताल में भर्ती थे. वह कैंसर से पीड़ित थे. सर्वेश सिंह ने 71 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. बता दें कि कल पहले चरण के तहत यूपी की 8 सीटों पर वोटिंग हुई थी. राज्य में 57.54 प्रतिशत मतदान हुआ था. मुरादाबाद में करीब 60 फीसदी मतदान हुआ था, जबकि इसी सीट पर साल 2019 में 65.39 फीसदी वोटिंग हुई थी.
पेशे से बिजनेसमैन कुंवर सर्वेश कुमार को उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेताओं में से एक माना जाता था. साल 2014 में सर्वेश सिंह मुरादाबाद से सांसद बने थे. सांसद बनने से पहले वह ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से 4 बार विधायक चुने गए थे. सर्वेश कुमार के बेटे कुंवर सुशांत सिंह मुरादाबाद लोकसभा में ही आने वाली बढ़ापुर विधानसभा सीट से विधायक हैं. 2014 में कांठ विधानसभा क्षेत्र में हुए लाउडस्पीकर विवाद के दौरान भी सर्वेश कुमार काफी चर्चा में रहे थे.
कुंवर सर्वेश सिंह का सियासी सफर
कुंवर सर्वेश सिंह का जन्म 22 दिसंबर 1951 को हुआ था. सर्वेश सिंह ने 1991 में पहली बार बीजेपी की टिकट पर ठाकुरद्वारा सीट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था. इसके बाद वह लगातार चार बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. सर्वेश सिंह 1991 के बाद 1993, 1996 और 2002 में लगातार चुनाव जीते थे. हालांकि 2007 में उन्हें बसपा कैंडिडेट से हार का सामना करना पड़ा था. बीजेपी नेता सर्वेश सिंह के बेटे सुशांत सिंह बिजनौर की बढ़ापुर विधान सभा से बीजेपी विधायक हैं.
बीजेपी ने चौथी बार मुरादाबाद सीट से बनाया था कैंडिडेट
सर्वेश सिंह को भाजपा ने चौथी बार मुरादाबाद लोकसभा सीट पर प्रत्याशी बनाया था. 2009 में उन्होंने पूर्व क्रिकेटर अजहरुद्दीन के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे, इसके बाद 2014 में उनके सामने सपा की टिकट पर डॉ. एसटी हसन थे. इस चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की थी. इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने ताल ठोकी थी, लेकिन हार का सामना करना पड़ा था.

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