
'मिनिरल डील करने जेलेंस्की अमेरिका आएंगे', 500 अरब डॉलर की जिद्द छोड़ने के बाद ट्रंप का ऐलान
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेन्स्की वाशिंगटन आकर एक अहम मिनिरल डील पर साइन करेंगे. यह सौदा यूक्रेन के लिए रूस के साथ युद्ध में अमेरिकी समर्थन को बनाए रखने के लिए अहम है. हालांकि, कई शर्तों को लेकर कीव और वाशिंगटन के बीच टकराव हुआ है और माना जा रहा है कि समझौते भी हुए हैं.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेन्स्की इस सप्ताह के आखिर में अमेरिका पहुंचेंगे. जेलेंस्की की यह यात्रा कई मायनों में अहम है, क्योंकि उनकी यात्रा के दौरान खासतौर से मिनिरल डील पर ज्यादा फोकस रहने वाला है. यूक्रेन को भी उम्मीद है कि इस डील के बाद उसे अमेरिका की सुरक्षा गारंटी मिल जाएगी, लेकिन ट्रंप ने जेलेंस्की का ट्रैवल प्लान ऐलान करते वक्त इसका कुछ जिक्र नहीं किया है.
सूत्रों का कहना है कि, व्लोदिमीर जेलेंस्की शुक्रवार, 28 फरवरी को अमेरिका पहुंच सकते हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मौके पर मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के लिए समझौता हो जाता है, तो वहां पीसकीपिंग फोर्स की भी जरूरत होगी.
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सुरक्षा गारंटियों या अतिरिक्त सैन्य सहायता भेजने के बारे में अमेरिका की तरफ से कोई ठोस आश्वासन दिया गया है या नहीं, इसके बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं है. डोनाल्ड ट्रंप युद्ध को जल्द से जल्द रोकना चाहते हैं, और इसके लिए वह यूक्रेन पर कहा जा रहा है कि दबाव भी बना रहे हैं.
मिनिरल डील भी बताया जा रहा है कि ट्रंप की प्रेशर पॉलिटिक्स का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इस डील के लिए जेलेंस्की कल तक तैयार नहीं थे. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि अगर वह इस डील को साइन करते हैं तो अगले दस साल तक यूक्रेन अमेरिका का गुलाम बन सकता है.
डोनाल्ड ट्रंप इतनी जल्दबाजी में क्यों हैं?

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