
'मानवाधिकार के मुद्दे पर मोदी को लेक्चर नहीं देंगे बाइडेन', अमेरिका का आया बड़ा बयान
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नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के बीच वहां भारत के मानवाधिकार रिकॉर्ड को लेकर भी काफी सवाल उठ रहे हैं. मंगलवार को 75 अमेरिकी सांसदों ने राष्ट्रपति बाइडेन को पत्र लिखकर कहा था कि वो पीएम मोदी से बातचीत में मानवाधिकारों का मुद्दा उठाएं. अब व्हाइट हाउस ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय दौरे पर बुधवार को अमेरिका पहुंचे हैं जहां उनका भव्य स्वागत किया गया. अपने इस पहले स्टेट विजिट के दौरान पीएम मोदी जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और स्टेट डिनर में भी हिस्सा लेंगे. लेकिन इसी बीच अमेरिका में भारत के मानवाधिकार रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं जिस पर व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि जो बाइडेन पीएम मोदी को मानवाधिकार के मुद्दे पर लेक्चर नहीं देंगे.
बुधवार को सुलिवन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जो बाइडेन पीएम मोदी के साथ बातचीत में भारत के कमजोर पड़ते लोकतांत्रिक मूल्यों का मुद्दा उठा सकते हैं लेकिन वो इस मुद्दे पर उन्हें किसी तरह का लेक्चर नहीं देने वाले.
'हम लेक्चर नहीं देते'
उन्होंने कहा, 'जब अमेरिका देखता है कि प्रेस, धार्मिक या अन्य स्वतंत्रता के लिए चुनौतियों खड़ी हो रही हैं तो हम उस पर अपने विचार रखते हैं. लेकिन हम सिर्फ अपने विचार व्यक्त करते हैं, लेक्चर नहीं देते या ऐसा दिखाने की कोशिश नहीं करते कि हमारे देश में वो चुनौतियां नहीं हैं.'
सुलिवन ने आगे कहा, 'आखिरकार, भारत में राजनीति और लोकतांत्रिक संस्थानों के सवाल को भारतीय ही निर्धारित करेंगे. अमेरिका उस पर कुछ नहीं कर सकता.'
2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से पीएम मोदी पांच बार अमेरिका जा चुके हैं लेकिन अमेरिका की उनकी यह पहली स्टेट विजिट है. पीएम मोदी राष्ट्रपति बाइडेन और उनकी पत्नी अमेरिका की फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन के विशेष निमंत्रण पर अमेरिका पहुंचे हैं.

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