
'मानवाधिकार उल्लंघन के लिए बदनाम देश दूसरों को ना दे उपदेश', भारत ने UNHRC में पाकिस्तान को लताड़ा
AajTak
भारत ने यूएनएचआरसी में पाकिस्तान को लताड़ लगाते हुए उसे दुनिया का सबसे खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड वाला देश बताया और अपनी पाखंडी नीति छोड़ने के लिए कहा.
भारत ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में पाकिस्तान को आईना दिखाया और उसे विश्व में सबसे खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड वाला देश बताया. भारत ने कहा कि पाकिस्तान को अपने यहां धार्मिक अल्पसंख्यकों का राज्य प्रायोजित उत्पीड़न और भेदभाव को समाप्त करने पर ध्यान देना चाहिए.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत के स्थायी मिशन, काउंसलर के.एस. मोहम्मद हुसैन ने 60वें सत्र के सामान्य बहस में कहा, 'यह विडंबनापूर्ण है कि एक ऐसा देश जो मानवाधिकारों के सबसे खराब रिकॉर्ड के लिए कुख्यात है, दूसरों को उपदेश देता है.' हुसैन ने बिना किसी देश का नाम लिए कहा, 'इस सम्मानित मंच का दुरुपयोग कर भारत के खिलाफ निराधार आरोप लगाने की उनकी कोशिशें उनकी पाखंडी नीति को उजागर करती हैं.'
यह भी पढ़ें: 'F-16, चीनी JF-17 समेत 10 पाकिस्तानी जेट गिराए', वायुसेना प्रमुख का बड़ा खुलासा
हुसैन ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर नसीहत दी कि उसे भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा चलाने के बजाय, अपने यहां धार्मिक-जातीय अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव और राज्य प्रायोजित उत्पीड़न को खत्म करने पर ध्यान देना चाहिए. काउंसलर के.एस. मोहम्मद हुसैन ने भले ही पाकिस्तान का नाम नहीं लिया. लेकिन उनका यह बयान स्पष्ट रूप से पाकिस्तान के संदर्भ में था, जिसके प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के मंच पर कश्मीर मुद्दा उठाया था.
भारत ने बार-बार पाकिस्तान को स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर हमेशा भारत का अभिन्न अंग था और रहेगा. काउंसलर के.एस. मोहम्मद हुसैन ने यह भी कहा कि भारत अपने लोगों के लिए मानवाधिकारों का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने और सतत विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है. उन्होंने 1993 के विश्व मानवाधिकार सम्मेलन के बाद अपनाए गए वियना डिक्लरेशन एंड प्रोग्राम ऑफ एक्शन (VDPA) के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का जिक्र किया. वीडीपीए एक ऐतिहासिक दस्तावेज है, जो मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए यूनिवर्सल डिक्लेरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स की नींव को मजबूत करता है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का आज 25वां दिन है. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य हमले भी थम नहीं रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ईरान के ऊर्जा और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5 दिन हमला ना करने का दावा किया लेकिन अब IRGC ने दावा किया है कि ईरान के 2 ऊर्जा ठिकानों को फिर से निशाना बनाया गया. इस बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप से बातचीत की और उसके बाद कहा कि ईरान और लेबनान पर हमले जारी रहेंगे. इजरायल लगातार लेबनान में हिज्बुल्ला के ठिकानों को निशाना बना रहा है. इस हमलों के बीच ये युद्ध भीषण रूप लेता जा रहा है. जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बेहद मजबूत बातचीत हुई है और करीब करीब सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई है. उन्होंने ये भी कहा है कि विटकॉफ और कुश्नर बातचीत कर रहे हैं. अगर इसी तरह बातचीत चली तो युद्ध खत्म हो सकता है. ट्रंप दावा कर रहे हैं कि मजबूत बातचीत रही लेकिन ईरान का कहना है कि कोई बातचीत नहीं हुई जब ट्रंप से पूछा गया कि विटकॉफ और कुशनर किससे बातचीत कर रहे हैं तो उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हम उस व्यक्ति से बात कर रहे हैं, जिसे मैं सबसे अधिक सम्मानित और नेता मानता हूं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो नेता ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खुमेनेई हैं तो ट्रंप ने कहा कि नहीं- वो सुप्रीम लीडर नहीं है, हमें ये भी नहीं पता कि वो जीवित हैं या नहीं.

टायर सिटी में IDF के हमलों में 12 की मौत, बेरूत से टूटा कनेक्शन... लेबनान से आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट
IDF ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में चार अलग-अलग जगहों पर बमबारी की. पिछले रात हुए इन हमलों में 12 और लोगों की मौत की खबर है. IDF दक्षिण लेबनान में तेजी से अपने जमीनी सैनिकों को आगे बढ़ा रहा है,

ईरान ने दावा किया है कि असने अमेरिकी ड्रोन लुकास को मार गिराया है. ईरान न्यूज एजेंसी ने ड्रोन की तस्वीरें भी साझा की. जहां एक तरफ ईरान अमेरिका में शांति वार्ता की बातचीत चल रही है वहा यूएस-ईरान के हमले भी जारी है. वहीं कोलंबिया के अमेजन इलाके में एक विमान हादसा हो गया. इस हादसे में 66 लोगों की मौत हो गई है.










