
मानवाधिकारों का उल्लंघन? अमेरिका ने भारतीय प्रवासियों को सैन्य विमान से भेजा वापस
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अमेरिका ने भारतीय अवैध प्रवासियों को सी-17 ग्लोबमास्टर सैन्य विमान से वापस भेजा. प्रवासियों ने दुर्व्यवहार के आरोप लगाए. हथकड़ी और बेड़ियों से हाथ-पैर सूजे. शौचालय जाने की अनुमति नहीं दी गई. अमेरिका ने मानवाधिकारों का उल्लंघन किया. डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर सेना को निर्वासन की जिम्मेदारी दी गई. एक व्यक्ति को वापस भेजने पर ₹5,00,000 खर्च किए गए. अमेरिका दुनिया को कड़ा संदेश देना चाहता है. कई देशों ने इसे संप्रभुता के खिलाफ माना है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा. कई टॉप कमांडर्स के मारे जाने के बाद भी ईरान, अमेरिका और इजरायल पर जबरदस्त पलटवार कर रहा है. ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ना तो ईरान के तेवर कमजोर पड़ रहे और ना ही NATO और दुनिया के तमाम देश ट्रंप का साथ दे रहे. सवाल है क्या ईरान को हराना ट्रंप के लिए 'नाक की लड़ाई' बन गई है? देखें हल्ला बोल.

ईरान ने भी अपनी मिसाइल ताकत को दुनिया के सामने पेश किया है और ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद ब्रिटेन के सैन्य बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर दो लॉन्ग रेंज मिसाइलों से हमला किया है. हम आपको बता दें कि ईरान से दिएगो गार्सिया की दूरी करीब 4 हजार किलोमीटर है. ईरान ने दिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जिसमे एक को बीच में ही नष्ट करने का दावा किया जा रहा है.

अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट दी, लेकिन ईरान ने एक्स्ट्रा तेल होने से इनकार कर दिया. दोनों के दावों से वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. दुनियाभर के मुल्क ये उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अमेरिकी की ओर से छूट मिलने के बाद ईरान का तेल उन्हें मिलेगा. लेकिन, ईरान के बयान से सभी को बड़ा झटका लगा है.










