
महाराष्ट्र के कल्याण में राज्य उत्पाद शुल्क विभाग की छापेमारी में 48 हजार बोतल नकली देशी शराब जब्त
AajTak
महाराष्ट्र के कल्याण में राज्य उत्पाद शुल्क विभाग ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. नकली शराब की तस्करी करने वाले दो आरोपियों को पकड़ने के साथ ही 48 हजार से अधिक बोतल नकली देशी शराब जब्त की गई है. आरोपियो से पता किया जा रहा है कि वह यह शराब कहां से ला रहे थे और कहां डिलीवरी करने जा रहे थे.
महाराष्ट्र के कल्याण में राज्य उत्पाद शुल्क विभाग ने नकली शराब की बड़ी खेप बरामद की है. टीम ने 48 हजार से अधिक बोतल नकली देशी शराब जब्त की है. राज्य उत्पाद शुल्क विभाग को सूचना मिली थी कि आयशर ट्रक में नकली देशी शराब ले जाई जा रही है.
राज्य उत्पाद शुल्क विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि कल्याण मुरबाड रोड से आ रहे एक आयशर ट्रक में नकली शराब के स्टॉक को ले जाया जा रहा है. इस सूचना के आधार पर राज्य उत्पाद शुल्क विभाग की कल्याण टीम ने कल्याण सुभाष चौक इलाके में जाल बिछाया.
यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र: शरद पवार के पोते रोहित के खिलाफ ED का एक्शन, 50 करोड़ की संपत्ति कुर्क
ट्रक से मिली बोतलें की जब्त
कर्मचारियों ने ट्रक को रोककर जांच की, तो ट्रक में नकली देशी शराब का जखीरा मिला. इस ट्रक में नकली शराब की 48 हजार 400 बोतलें थीं. टीम ने तुरंत ही नकली देशी शराब के इस जखीरे को जब्त कर लिया. इसके साथ ही नकली देशी शराब ले जा रहे साईनाथ रामगिरवार और अमरदीप फुलझेले को भी गिरफ्तार कर लिया गया.
आरोपियों से हो रही पूछताछ

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.







